-उदयनिधि स्टालिन बोले- कुछ नेता घर बैठे कर रहे प्रचार चैन्नई,(ईएमएस)। तमिलनाडु में आगामी विधानसभा चुनाव को लेकर सियासी सरगर्मी तेज हो गई है। इसी बीच अभिनेता से नेता बने विजय की पार्टी तमिलगा वेत्री कझगम (टीवीके) के प्रचार कार्यक्रमों में लगातार हो रही रद्दीकरण ने राजनीतिक बहस को जन्म दे दिया है। विजय इस चुनाव में पेरम्बूर और तिरुचिरापल्ली पूर्व सीटों से चुनाव लड़ रहे हैं। 30 मार्च को नामांकन दाखिल करने के बाद उन्होंने कुछ क्षेत्रों में प्रचार किया था, लेकिन उसके बाद उनके कई महत्वपूर्ण कार्यक्रम या तो रद्द कर दिए गए या स्थगित कर दिए गए। इनमें विल्लीवाक्कम, टी नगर, कुड्डालोर और तिरुवल्लूर जैसे क्षेत्रों में प्रस्तावित रैलियां और रोड शो शामिल हैं। मीडिया रिपोर्ट के अनुसार पार्टी की ओर से इन रद्दीकरणों की कोई स्पष्ट वजह सार्वजनिक नहीं की गई है। हालांकि कुछ मामलों में सुरक्षा कारणों और समय की कमी का हवाला दिया गया, जिससे उनकी चुनावी रणनीति को लेकर सवाल खड़े हो रहे हैं। इस बीच सत्तारूढ़ द्रविड़ मुनेत्र कड़गम ने इस मुद्दे पर विजय पर तीखा हमला बोला है। तमिलनाडु के उपमुख्यमंत्री उदयनिधि स्टालिन ने कहा कि जहां कुछ नेता जनता से सीधे जुड़ने के लिए लगातार मैदान में उतर रहे हैं, वहीं कुछ नेता सीमित और रुक-रुककर प्रचार कर रहे हैं। उदयनिधि स्टालिन के इस बयान को सीधे तौर पर विजय की चुनावी सक्रियता पर सवाल के रूप में देखा जा रहा है। उन्होंने यह भी संकेत दिया कि जमीनी स्तर पर सक्रियता ही चुनाव में असली भूमिका निभाती है, न कि सीमित कार्यक्रम। दूसरी ओर, मुख्यमंत्री एम.के. स्टालिन, विपक्षी नेता एडप्पादी के. पलानीस्वामी और अन्य प्रमुख नेता राज्यभर में लगातार रैलियां कर रहे हैं, जिससे चुनावी मुकाबला और तेज हो गया है। विजय के लगातार रद्द हो रहे कार्यक्रमों ने उनकी चुनावी रणनीति और ग्राउंड कैम्पेन को लेकर असमंजस की स्थिति पैदा कर दी है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि आने वाले दिनों में उनकी सक्रियता यह तय करेगी कि टीवीके राज्य की राजनीति में कितनी मजबूत पकड़ बना पाती है। हिदायत/ईएमएस 12अप्रैल26