वाशिंगटन (ईएमएस)। आखिर अरबों सूर्यों जितने भारी सुपरमैसिव ब्लैक होल अचानक धीमे क्यों पड़ गए। यह सवाल लंबे समय से वैज्ञानिकों को उलझाए हुए था। अब ताजा अध्ययन ने इस रहस्य से पर्दा उठा दिया है। शोध के अनुसार इन विशाल ब्लैक होल की वृद्धि इसलिए कम हो गई क्योंकि उनके पास ‘खाने’ के लिए गैस की कमी हो गई है, जो उनके विकास का मुख्य ईंधन होती है। वैज्ञानिकों का मानना है कि ब्लैक होल का सबसे तेज विकास वाला दौर अब खत्म हो चुका है। करीब 7 अरब साल पहले ही अधिकांश बड़े ब्लैक होल बन चुके थे और अब उनकी वृद्धि धीमी गति से जारी है। वैज्ञानिक बताते हैं कि बिग बैंग के कुछ अरब साल बाद का समय ब्लैक होल के लिए सबसे अनुकूल था, जिसे ‘कॉस्मिक नून’ कहा जाता है। उस दौर में ब्रह्मांड में ठंडी गैस की भरपूर मात्रा मौजूद थी और यही गैस ब्लैक होल के तेजी से बढ़ने का कारण बनी। उस समय कई ब्लैक होल ने बहुत कम समय में करोड़ों और अरबों सूर्यों के बराबर द्रव्यमान हासिल कर लिया था। लेकिन जैसे-जैसे समय बीतता गया, ब्रह्मांड में गैस की मात्रा घटती चली गई और इसी के साथ ब्लैक होल की वृद्धि भी धीमी पड़ गई। नई रिसर्च में यह साफ किया गया है कि ब्लैक होल की संख्या या आकार में कोई कमी नहीं आई है, बल्कि उनकी वृद्धि की गति धीमी हुई है। वैज्ञानिकों के मुताबिक आज के समय में ब्लैक होल पहले की तुलना में बहुत कम गैस निगल रहे हैं। अध्ययन के अनुसार उनकी ग्रोथ दर में करीब 22 गुना तक गिरावट दर्ज की गई है, जो इस बात का संकेत है कि ब्रह्मांड पहले जितना सक्रिय नहीं रहा। इस निष्कर्ष तक पहुंचने के लिए वैज्ञानिकों ने एक्स-रे टेलीस्कोप की मदद से बड़े पैमाने पर डेटा का विश्लेषण किया। इसमें चंद्रा एक्स-रे ऑब्जर्वेटरी, एक्सएमएम-न्यूटन और ईरोसिटा जैसे मिशनों के आंकड़े शामिल थे। वैज्ञानिकों ने करीब 13 लाख गैलेक्सियों और 8000 सक्रिय ब्लैक होल का अध्ययन किया। एक्स-रे प्रकाश को ब्लैक होल की गतिविधियों को समझने का सबसे भरोसेमंद माध्यम माना जाता है, क्योंकि यह गैस और धूल के पार भी देख सकता है। शोध में यह भी सामने आया कि ब्लैक होल और उनकी गैलेक्सी के बीच गहरा संबंध होता है। गैलेक्सी के केंद्र में मौजूद सुपरमैसिव ब्लैक होल और वहां बनने वाले सितारों का विकास एक-दूसरे से जुड़ा होता है। ऐसे में ब्लैक होल की धीमी वृद्धि का असर गैलेक्सी के भविष्य पर भी पड़ सकता है और नए सितारों के बनने की प्रक्रिया भी धीमी हो सकती है। सुदामा/ईएमएस 13 अप्रैल 2026