अंतर्राष्ट्रीय
13-Apr-2026
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-ईरानी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने बातचीत के बीच में ही दिखाया था कड़ा रुख तेहरान,(ईएमएस)। ईरान ने अमेरिका के साथ चल रही बातचीत के बीच कड़ा रुख अपनाया है। ईरानी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बाकई ने कहा कि ईरान अमेरिका के पिछले वादे तोड़ने को “न भूला है और न भूलेगा”। इससे इस्लामाबाद में बातचीत जारी रहने के बावजूद गहरे अविश्वास का पता चलता है। उन्होंने कहा कि किसी ने भी एक राउंड की बातचीत में नतीजे की उम्मीद नहीं की थी। एक्स पर पोस्ट में इस्माइल बाकई ने कहा कि हमारे लिए डिप्लोमेसी ईरानी जमीन के रक्षकों के पवित्र जिहाद को जारी रखना है। हम अमेरिका के वादे तोड़ने और गलत कामों के अनुभवों को नहीं भूले हैं और न ही भूलेंगे। ठीक वैसे ही जैसे हम दूसरे और तीसरे थोपे गए युद्धों के दौरान उनके और यहूदी शासन द्वारा किए गए जघन्य अपराधों को माफ नहीं करेंगे। ईरान बातचीत की शुरुआत से पहले भी दोहराता रहा है कि अमेरिका के साथ विश्वास की कमी है। उन्होंने बातचीत को तेज और लंबी करार देते हुए कहा कि इस्लामाबाद में ईरान के डेलिगेशन के लिए एक व्यस्त और लंबा दिन था। ईरानी डेलिगेशन के पक्के इरादे पर जोर देते हुए बाकई ने कहा कि ईरानी बातचीत करने वाले ईरान के अधिकारों और हितों की रक्षा के लिए अपनी पूरी काबिलियत, अनुभव और जानकारी का इस्तेमाल किया। हमारे बड़े-बुजुर्गों, प्रियजनों और साथी देशवासियों के भारी नुकसान ने ईरानी देश के हितों और अधिकारों को आगे बढ़ाने के हमारे इरादे को पहले से कहीं ज्यादा मजबूत कर दिया है। ईरान के बड़े रुख को दोहराते हुए उन्होंने कहा कि कोई भी चीज हमें अपने प्यारे देश और महान ईरानी सभ्यता के लिए अपने महान ऐतिहासिक मिशन को आगे बढ़ाने से नहीं रोक सकती या रुकनी नहीं चाहिए। ईरान अपने देश के हितों को सुरक्षित करने और देश की भलाई की रक्षा के लिए डिप्लोमेसी समेत सभी तरीकों का इस्तेमाल करने का पक्का इरादा रखता है। बाकई के मुताबिक, पिछले 24 घंटों में हुई बातचीत में होर्मुज स्ट्रेट, न्यूक्लियर प्रोग्राम, युद्ध में हर्जाना, पाबंदियों में राहत और चल रहे क्षेत्रीय झगड़ों को खत्म करने जैसे खास मुद्दों पर बात हुई। उन्होंने जोर देकर कहा कि इस डिप्लोमैटिक प्रक्रिया की सफलता दूसरी तरफ की गंभीरता और अच्छे विश्वास, बहुत ज्यादा मांगों और गैर-कानूनी अपील से बचने और ईरान के कानूनी अधिकारों और हितों को मानने पर निर्भर करती है। ईरान की न्यूज एजेंसी के मुताबिक यह बातचीत लगातार मतभेदों के बीच हुई। हालांकि कुछ शुरुआती प्रोग्रेस हुई है लेकिन गंभीर मतभेद बने रहे, जिसका मुख्य कारण ईरान का कहना है कि अमेरिका की तरफ से बेतुकी और बहुत ज्यादा शर्ते हैं। सिराज/ईएमएस 13 अप्रैल 2026