क्षेत्रीय
13-Apr-2026
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- पीएमओ से शिकायत पर राज्यपाल ने लिया संज्ञान - सचिवालय ने दिए जांच के आदेश कोरबा (ईएमएस) जानकारी के अनुसार वन विकास निगम कोरबा में वित्तीय वर्ष 2022-23 से 2024-25 तक डिपाजिट रोपण के अंतर्गत 28 करोड़ की प्राप्त आबंटन में एनटीपीसी-कोरबा क्षेत्र, एसईसीएल-कोरबा, कुसमुंडा, दीपका गेवरा क्षेत्र, सीएसपीजीसीएल कोरबा-पूर्व, कोरबा-पश्चिम क्षेत्र में रोपण एवं एकवर्षीय रखरखाव, ग्रासबेड कार्य, फेंसिंग कार्य, वर्मीकम्पोस्ट क्रय, सेफ्टीजोन कंटूल ट्रंच खुदाई, चेकडेम, पत्थर बोल्डर, बांध निर्माण कार्य में अनियमितता का आरोप लगा प्रधानमंत्री कार्यालय (पीएमओ) से शिकायत मामले में महामहिम राज्यपाल सचिवालय ने संज्ञान ले लिया है। राज्यपाल के अवर सचिव ने छत्तीसगढ़ शासन के वाणिज्य एवं उद्योग विभाग के सचिव को प्रकरण में केंद्रीय स्तर की संयुक्त टीम गठित कराने का निर्देश दिया है। इस पत्र के बाद लगभग सवा साल से चली आ रही प्रकरण में पारदर्शी जांच का इंतजार खत्म हो जाएगा। जांच उपरांत जिम्मेदार तत्कालीन अधिकारी कर्मचारियों पर एक बड़ी कार्रवाई के आसार हैं। उल्लेखनीय हैं कि कार्यालय प्रबंध संचालक छग राज्य वन विकास निगम लिमिटेड रायपुर (छ.ग.) के यहाँ पत्र क्रमांक 6931 दिनांक 29 /01/2025 के माध्यम से पत्र व्यवहार कर कार्यालय मंडल प्रबंधक, औद्योगिक वृक्षारोपण मण्डल खरमोरा कोरबा, जिला-कोरबा (छ.ग.) द्वारा डेलीगेशन ऑफ पावर की कंडिका 51 के तहत डिपाजिट रोपण अंतर्गत एनटीपीसी कोरबा क्षेत्र, एसईसीएल कोरबा क्षेत्र, एसईसीएल कुसमुंडा क्षेत्र, एसईसीएल दीपका क्षेत्र, एसईसीएल गेवरा क्षेत्र, सीएसपीजीसीएल कोरबा-पूर्व, सीएसपीजीसीएल पश्चिम क्षेत्र में वित्तीय वर्ष 2022-23 और 2023-24 एवं चालू वित्तीय वर्ष 2024-25 में प्राप्त आबंटन 28 करोड़ 38 लाख 25 हजार 809 रुपए की लागत से कराए गए रोपण एवं एकवर्षीय रखरखाव, ग्रासबेड कार्य, फेंसिंग कार्य, वर्मीकम्पोस्ट क्रय, सेफ्टीजोन कंटूल ट्रंच खुदाई, चेकडेम, पत्थर बोल्डर, बांध निर्माण कार्य के प्राकलन, सामग्री क्रय प्रक्रिया, मांग पत्र , देयक व्हाउचर, स्थल निरीक्षण प्रतिवेदन, तकनीकी मापदण्डों, पूर्णता प्रमाण पत्र, गुणवत्ता का परीक्षण कर व्यापक लोकहित में रोपित पौधों का भौतिक सत्यापन कराए जाने का अनुरोध किया गया था। पत्र प्राप्ति के 30 दिवस के भीतर राज्य स्तरीय जांच समिति गठित कर अग्रलिखित कार्यों का बिंदुवार तय मियाद में जांच कराकर, जांच प्रतिवेदन की एक प्रति पत्र व्यवहार के पते पर उपलब्ध कराने का अनुरोध किया गया था। अन्यथा की स्थिति में मेरे द्वारा प्रकरण आवश्यक कार्रवाई हेतु माननीय मुख्य सचिव महोदय के संज्ञान में लाए जाने की बात कही गई थी। व्यापक लोकहित में किए गए जांच अनुरोध पत्र के संदर्भ में कार्यालय क्षेत्रीय महाप्रबंधक, बिलासपुर-प्रक्षेत्र, बिलासपुर (छ.ग.) द्वारा पत्र क्रमांक 1255 दिनांक 05 /02 /2025 को मंडल प्रबंधक औद्योगिक वृक्षारोपण मंडल कोरबा (छ.ग.) को शिकायत पत्र की छायाप्रति प्रेषित कर उक्त शिकायत की जांच रोपणवार, कार्यवार एवं स्थलवार कर तथ्यात्मक जांच प्रतिवेदन एक्सेल शीट में क्षेत्रीय कार्यालय को प्रेषित करना सुनिश्चित करने के निर्देश दिए थे। जानकारी के अनुसार प्रकरण में पीएमओ से की गई शिकायत की प्रतिलिपि राजभवन, सचिवालय राज्यपाल, मुख्यमंत्री सचिवालय, प्रबंध संचालक छग राज्य वन विकास निगम एवं कलेक्टर कोरबा को दी गई थी। राज्यपाल सचिवालय ने प्रकरण पर संज्ञान लेते हुए छत्तीसगढ़ शासन के सचिव वाणिज्य एवं उद्योग विभाग, मंत्रालय महानदी भवन, नवा रायपुर अटल नगर को प्रकरण के संदर्भ में पत्रानुसार अनुरोधानुसार कार्यालय मण्डल प्रबंधक, औद्योगिक वृक्षारोपण मण्डल खरमोरा कोरबा, छत्तीसगढ़ के विरुद्ध केंद्रीय स्तर की संयुक्त जांच टीम गठित कराकर प्रकरण की जांच कराने का आदेश दिया है। अब पूरी निगाहें पारदर्शी जांच पर टिकी है। आरोप लगाते हे बताया जा रहा हैं की इन वर्षों में हुए प्लांटेशन के तय मापदंड से अधिक पौधे वर्तमान में मर चुके हैं, चेकडेम, पत्थर बोल्डर, बांध निर्माण एवं फेंसिंग कार्य में खाना पूर्ति की गई। गुणवत्ता अत्यंत दोयम दर्जे की थी। बहरहाल फील्ड स्तर पर गहन जांच उपरांत ही जमीनी वास्तविकता स्पष्ट होगी। 13 अप्रैल / मित्तल