13-Apr-2026
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- दुकानदारों को अस्थायी अतिक्रमण हटाने के लिए दिया गया एक माह का समय सारंगपुर (ईएमएस)। नगर के मध्य से गुजरने वाला पुराना आगरा-मुंबई रोड, जो अभी तक टू-लेन है, जल्द ही फोरलेन में परिवर्तित होने जा रहा है। इसके लिए प्रशासन ने सर्वे कार्य प्रारंभ कर दिया है। साथ ही फोरलेन की जद में आने वाले अस्थायी अतिक्रमण को हटाने के निर्देश भी दिए गए हैं। एसडीएम रोहित बम्हौरे के निर्देश पर सड़क के दोनों ओर नापजोख कर निशान लगाए गए हैं और दुकानदारों व व्यापारियों को एक माह के भीतर अतिक्रमण स्वयं हटाने के लिए कहा गया है। दरअसल नगरीय सीमा में फोरलेन निर्माण की प्रक्रिया काफी समय से चल रही थी। पूर्व में इसके लिए टेंडर भी जारी हुए थे, लेकिन कुछ कारणों से वह निरस्त हो गया था। अब दोबारा निविदा प्रक्रिया पूरी होने और सर्वे कार्य शुरू होने से नगरवासियों में उम्मीद जगी है कि नगर के बीच से गुजरने वाले इस महत्वपूर्ण मार्ग का चौड़ीकरण जल्द शुरू हो सकेगा। हालांकि विभागीय सूत्रों के अनुसार अभी भी इस परियोजना में कुछ तकनीकी समस्याएं बनी हुई हैं। यदि इनका समय रहते समाधान हो जाता है तो कार्य शीघ्र प्रारंभ हो सकता है, अन्यथा परियोजना की शुरुआत में और देरी भी हो सकती है। प्रस्तावित योजना के तहत बिलोदा बायपास से गोपालपुरा तक लगभग 7 किलोमीटर लंबा फोरलेन मार्ग बनाया जाएगा। इस सड़क की दोनों ओर करीब 7-7 मीटर चौड़ाई की लेन होगी और बीच में लगभग डेढ़ मीटर चौड़ा डिवाइडर बनाया जाएगा। डिवाइडर में सौंदर्यीकरण के लिए पौधारोपण किया जाएगा तथा स्ट्रीट लाइट भी लगाई जाएंगी। करीब 46 करोड़ 48 लाख रुपये की लागत से बनने वाले इस मार्ग के लिए एसडीएम रोहित बम्हौरे के नेतृत्व में राजस्व विभाग, पीडब्ल्यूडी तथा नगरीय प्रशासन विभाग के अधिकारियों ने जनप्रतिनिधियों के साथ मौके पर पहुंचकर सड़क किनारे बने अस्थायी अतिक्रमणों का निरीक्षण किया और उन्हें हटाने के लिए निशान लगाए। हालांकि अभी भी इस परियोजना से जुड़ी तकनीकी बाधाएं पूरी तरह दूर नहीं हो पाई हैं। 46.28 करोड़ की लागत से बनेगा 7 किमी लंबा फोरलेन मार्ग नगर के मध्य से निकलने वाले इस मार्ग पर बिलोदा बायपास से गोपालपुरा बायपास तक कुल 7 किलोमीटर लंबाई में फोरलेन सड़क बनाई जाएगी। परियोजना की स्वीकृत लागत लगभग 46.28 करोड़ रुपये बताई जा रही है। इस मार्ग में करीब 4500 मीटर भाग डामरीकृत सड़क के रूप में तथा 2500 मीटर भाग सीसी रोड के रूप में विकसित किया जाएगा। डामरीकृत सड़क की चौड़ाई दोनों ओर 7-7 मीटर होगी, साथ ही 2.5 मीटर का शोल्डर और 1.5 मीटर चौड़ा डिवाइडर बनाया जाएगा। वहीं सीसी सड़क की चौड़ाई दोनों ओर 10-10 मीटर रहेगी, साथ ही 1.2 मीटर चौड़ा कवर्ड ड्रेन और 1.5 मीटर चौड़ा डिवाइडर बनाया जाएगा। डिवाइडर में स्ट्रीट लाइट की व्यवस्था भी की जाएगी। इसके अतिरिक्त सड़क के दोनों ओर नालों का निर्माण भी इस परियोजना में स्वीकृत किया गया है, जिससे जल निकासी की समस्या का समाधान हो सकेगा। तकनीकी समस्या अब भी बन रही है बाधा विभागीय सूत्रों के अनुसार फोरलेन निर्माण के लिए स्वीकृत निविदा में अभी कुछ तकनीकी समस्याएं सामने आ रही हैं। कार्य से जुड़े कुछ संशोधनों की प्रक्रिया भी चल रही है। ऐसे में इन तकनीकी मुद्दों के समाधान के बिना निर्माण कार्य का जल्द शुरू होना मुश्किल माना जा रहा है। संभावना जताई जा रही है कि यदि संशोधन में समय लगा तो निर्माण कार्य की शुरुआत में और विलंब हो सकता है। फैक्ट फाइल सड़क निर्माण मे कितने कट सकते है पेड सड़क चौड़ीकरण और डिवाइडर निर्माण के कारण लगभग 150 से 200 पेड़ों की कटाई होने की संभावना जताई जा रही है। इसके बदले में डिवाइडर और सड़क किनारे दोगुना पौधारोपण करने की योजना बनाई गई है, जिसे नगर पालिका और पीडब्ल्यूडी मिलकर पूरा करेंगे। अंतिम संख्या फाइनल सर्वे और अतिक्रमण हटाने के बाद तय होगी। कितनी दुकाने होगी प्रभावित सड़क के दोनों किनारों पर बने अस्थायी अतिक्रमण और आगे बढ़े हुए शेड हटाए जाएंगे। अनुमान के अनुसार 70 से 90 दुकानों के सामने का अतिक्रमण हटाया जा सकता है। इनमें अधिकतर टीन शेड, प्लेटफॉर्म और आगे बढ़े काउंटर शामिल हैं, जबकि स्थायी दुकानों पर प्रभाव अपेक्षाकृत कम पड़ेगा। फोरलेन के लिए कितनी जाएगी निजी भूमि फोरलेन चौड़ीकरण के लिए लगभग 0.8 से 1.2 हेक्टेयर निजी भूमि प्रभावित होने की संभावना बताई जा रही है। अधिकांश हिस्से सड़क किनारे के छोटे-छोटे भाग हैं। क्योंकि पुराने एबी रोड के आसपास अधिकतर भूमि शासकीय है, इसलिए बड़े पैमाने पर भूमि अधिग्रहण की संभावना कम है। अन्य बदलाव सड़क के दोनों ओर कवर्ड ड्रेन का निर्माण बीच में 1.5 मीटर चौड़ा डिवाइडर डिवाइडर में स्ट्रीट लाइट और पौधारोपण करीब 4500 मीटर डामर और 2500 मीटर सीसी रोड का निर्माण परियोजना में तकनीकी संशोधन की संभावना रोजाना लगता है जाम, कई बार हो चुका प्रदर्शन बिलोदा बायपास से गोपालपुरा तक पुराने हाईवे की हालत लंबे समय से खराब बनी हुई है। सड़क पर जगह-जगह गड्ढे हैं और कई हिस्सों में धूल उड़ती रहती है। सड़क की चौड़ाई कम होने के कारण रोजाना जाम की स्थिति बनती है और कई हादसे भी हो चुके हैं। सड़क चौड़ीकरण की मांग को लेकर स्थानीय लोगों और व्यापारियों द्वारा कई बार विरोध-प्रदर्शन भी किए जा चुके हैं। राज्यमंत्री गौतम टेटवाल के प्रयासों से इस महत्वपूर्ण परियोजना को स्वीकृति मिली है और अब इसकी प्रक्रिया भी शुरू हो चुकी है। फोरलेन निर्माण होने से जहां यातायात सुगम होगा, वहीं नगर की सड़क व्यवस्था और सौंदर्य भी बेहतर होगा। अतिक्रमण हटाने के लिए एक माह का समय डिवाइडर युक्त फोरलेन मार्ग निर्माण के लिए सड़क किनारों की नापजोख कर निशान लगाए जा चुके हैं। प्रशासन ने सड़क के दोनों ओर किए गए अतिक्रमण को हटाने के लिए एक माह का समय दिया है। यदि तय अवधि में अतिक्रमण नहीं हटाया गया तो प्रशासन द्वारा कार्रवाई करते हुए उन्हें हटाया जाएगा। रोहित बम्हौरे, एसडीएम सारंगपुर (नरेन्द्र जैन).../ 13 अप्रैल /2026