- भारत-पाकिस्तान-बांग्लादेश में बढ़ा हार्ट डिजीज का खतरा - कोलेस्ट्रॉल के नए मानक तय नई दिल्ली(ईएमएस)। दिल की बीमारियों के बढ़ते खतरे को देखते हुए कोलेस्ट्रॉल प्रबंधन को लेकर नई गाइडलाइन जारी की गई है। विशेषज्ञों के अनुसार अब 19 वर्ष की उम्र से नियमित कोलेस्ट्रॉल जांच की सलाह दी गई है। 9 से 11 वर्ष की आयु में एक बार लिपिड प्रोफाइल टेस्ट कराने और उसके बाद जोखिम के आधार पर समय-समय पर जांच कराने की सिफारिश की गई है। रिपोर्ट के मुताबिक भारत, पाकिस्तान और बांग्लादेश जैसे दक्षिण एशियाई देशों में हार्ट डिजीज का खतरा अन्य क्षेत्रों की तुलना में अधिक पाया गया है। विशेषज्ञ मानते हैं कि अनियमित खानपान, शारीरिक निष्क्रियता और आनुवंशिक कारण इसके प्रमुख कारक हैं। नई गाइडलाइन में एलडीएल (खराब कोलेस्ट्रॉल) के स्तर को लेकर भी नए मानक तय किए गए हैं। सामान्य व्यक्तियों के लिए एलडीएल 100 एमजी/डीएल से कम, उच्च जोखिम वाले लोगों के लिए 70 एमजी/डीएल से कम और अत्यधिक जोखिम वाले मरीजों के लिए 55 एमजी/डीएल से नीचे रखने की सलाह दी गई है। समय पर जांच और सतर्कता से हृदय रोग के खतरे को काफी हद तक कम किया जा सकता है। नंदिनी परसाई/13 अप्रैल 2026