जबलपुर, (ईएमएस)। भारत सरकार ने एलपीजी की जमाखोरी और कालाबाज़ारी पर रोक लगाने के लिए अपने सिस्टम को काफ़ी मज़बूत बनाया है। साथ ही, सरकार ने देश भर में वास्तविक उपभोक्ताओं तक बिना किसी रूकावट के स्वच्छ ईंधन पहुँचाने की अपनी प्रतिबद्धता को दोहराया है। एक राष्ट्रव्यापी अभियान के तहत, अकेले 11 अप्रैल, 2026 को 2 हजार 700 से ज़्यादा इंस्पेक्शन कर छापे मारे गए। इस बीच सार्वजनिक क्षेत्र की तेल विपणन कंपनियों (ओएमसी) ने भी एलपीजी डिस्ट्रीब्यूटरशिप्स के अचानक इंस्पेक्शन के साथ अपनी निगरानी तेज़ कर दी है। इन कड़े निरीक्षणों के बाद, 219 डिस्ट्रीब्यूटरों पर जुर्माना लगाया गया है, जबकि तय नियमों का उल्लंघन करने वाले 56 डिस्ट्रीब्यूटरों का लाइसेंस निलंबित कर दिया गया है। पिछले आठ दिनों में लगभग 3 हजार 300 जागरूकता शिविर आयोजित किए गए हैं, जिनमें विशेष रूप से 5 किलोग्राम वाले ’फ्री ट्रेड एलपीजी’ (एफटीएल) सिलेंडरों की उपलब्धता और उन्हें अपनाने पर ज़ोर दिया गया है; इन अभियानों के दौरान ऐसे 35 हजार 800 से ज़्यादा सिलेंडर बेचे गए। सुनील साहू / मोनिका / 13 अप्रैल 2026/ 04.42