मधुबनी, (ईएमएस)। बिहार के मधुबनी जिले में बढ़ते साइबर अपराध के बीच साइबर थाना की तत्परता से एक पीड़ित को रुपया वापस दिलाया गया। साइबर डीएसपी अंकुर कुमार ने बताया कि भैरव स्थान थाना क्षेत्र के सर्वसीमा गांव के रामवीर यादव को गलती से 60 हजार रुपये झंझारपुर के एक महिला खाताधारी के यूनियन बैंक के खाता में ट्रांसफर हो गया। इस मामले की शिकायत साइबर थाना में हुआ था। साइबर थाना की पुलिस ने इस मामले में कार्रवाई करते हुए खाताधारी से संपर्क कर 60 हजार रुपये की को सफलतापूर्वक बरामद कर वास्तविक खाताधारक को वापस करा दिया। इस उपलब्धि से न सिर्फ पीड़ित को राहत मिली है, बल्कि आम लोगों में पुलिस के प्रति विश्वास भी मजबूत हुआ है। प्राप्त जानकारी के अनुसार, पीड़ित व्यक्ति के साथ ऑनलाइन माध्यम से हुए इस ट्रांजेक्शन को साइबर थाना की पुलिस ने त्वरित कार्रवाई शुरू की। तकनीकी अनुसंधान और बैंकिंग समन्वय के माध्यम से संबंधित खातों को ट्रेस करते हुए पुलिस ने राशि को फ्रीज कराया और बाद में उसे पीड़ित के खाते में वापस कर दिया। इस संबंध में साइबर डीएसपी अंकुर कुमार ने बताया कि साइबर अपराधी लगातार नए-नए तरीकों से लोगों को ठगने की कोशिश कर रहे हैं। लेकिन थोड़ी सी सतर्कता और जागरूकता से इन अपराधों से बचा जा सकता है। उन्होंने लोगों से अपील करते हुए कहा कि किसी भी अनजान लिंक पर क्लिक न करें, ओटीपी, बैंक डिटेल्स या पासवर्ड किसी के साथ साझा न करें और संदिग्ध कॉल या मैसेज से सतर्क रहें। डीएसपी ने कहा कि अगर किसी के साथ साइबर ठगी की घटना होती है, तो तुरंत साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर संपर्क करें। इस नंबर पर दिए गए कोड के आधार पर जिला मुख्यालय में साइबर थाना में शिकायत दर्ज कराएं। ताकि समय रहते कार्रवाई कर नुकसान की भरपाई की जा सके। पुलिस की इस कार्रवाई से यह स्पष्ट होता है कि समय पर शिकायत और सही कदम उठाने से साइबर अपराध के मामलों में राहत संभव है। वहीं, आम नागरिकों को भी सतर्क रहकर अपनी डिजिटल सुरक्षा को प्राथमिकता देने की आवश्यकता है। जिला साइबर थाना में सीमित संसाधन के बाद भी साइबर अपराध के व्यापक क्षेत्र में कार्य कर रही है। - कार्तिक कुमार/संतोष झा-१३ अप्रैल/२०२६/ईएमएस