क्षेत्रीय
13-Apr-2026
...


- आम जनता को बेहतर एवं आधुनिक परिवहन सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए राज्य सरकार प्रतिबद्ध- श्रवण कुमार पटना, (ईएमएस)। जनसुविधाओं को अधिक सुलभ बनाने की दिशा में बिहार के ग्रामीण विकास एवं परिवहन मंत्री श्रवण कुमार तथा जदयू के प्रदेश अध्यक्ष सह स्थानीय विधायक उमेश सिंह कुशवाहा ने संयुक्त रूप से हरी झंडी दिखाकर जंदाहा से पटना बस सेवा की शुरुआत की। यह नई बस सेवा क्षेत्र की बड़ी आबादी, विशेष रूप से छात्र-छात्राओं, मरीजों एवं रोजगार के उद्देश्य से प्रतिदिन पटना आने-जाने वाले नागरिकों को सुलभ एवं किफायती परिवहन सुविधा उपलब्ध कराएगी। कार्यक्रम के दौरान सड़क दुर्घटना में हताहत हुए तीन व्यक्तियों के परिजनों को 2-2 लाख रुपये की अनुदान राशि प्रदान की गई। साथ ही, प्रशिक्षण प्राप्त छह महिला पिंक बस चालकों को ड्राइविंग लाइसेंस वितरित किए गए। इसके अतिरिक्त, जीविका समूह द्वारा निर्मित पोशाकों का आंगनबाड़ी के बच्चों के बीच वितरण किया गया तथा वैशाली जिले की जीविका दीदियों को 251 करोड़ रुपये का बैंक ऋण प्रदान कर उनके आर्थिक सशक्तिकरण को बढ़ावा दिया गया। इस अवसर पर मंत्री श्रवण कुमार ने जानकारी देते हुए कहा कि आम जनता को बेहतर एवं आधुनिक परिवहन सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए परिवहन विभाग निरंतर कार्यरत है। परिवहन अवसंरचना को सुदृढ़ करने हेतु बड़े पैमाने पर नई बसों का संचालन किया जा रहा है। इसी क्रम में इसी माह 149 नई डीलक्स बसें बिहार में शीघ्र आने वाली हैं, जिससे क्षेत्रीय आवागमन को और अधिक गति मिलेगी। इनमें 75 वातानुकूलित बसें शामिल हैं, जो अंतरराज्यीय मार्गों पर चलेंगी, जिससे अन्य राज्यों में रहने वाले बिहारवासियों को, विशेषकर पर्व-त्योहारों के दौरान एवं अन्य पारिवारिक कारणों से आवागमन में सुविधा होगी। उन्होंने आगे बताया कि राज्य सरकार द्वारा 400 इलेक्ट्रिक बसों को भी शीघ्र ही बिहारवासियों को समर्पित किया जाएगा, जो आवागमन को सुलभ बनाने के साथ-साथ पर्यावरण संरक्षण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम होगा। इसके अतिरिक्त, आधुनिक सुविधाओं से युक्त 6 ऴ5 बस अड्डों के निर्माण की प्रक्रिया पूर्ण कर ली गई है तथा टेंडर जारी किया जा चुका है। पटना, नालंदा सहित कई प्रमुख स्थलों पर इन बस अड्डों का निर्माण किया जाएगा। साथ ही, परिवहन विभाग की भूमि पर 16 अन्य ऴ5 बस अड्डों के निर्माण की प्रक्रिया भी अंतिम चरण में है। इन बस अड्डों के ग्राउंड फ्लोर पर बसों का ठहराव होगा, जबकि ऊपरी मंजिलों पर व्यावसायिक गतिविधियों का संचालन किया जाएगा। अभी राज्य में कुल 100 पिंक बसें चल रही हैं। परिवहन विभाग द्वारा महिलाओं की सुरक्षा और सशक्तिकरण के लिए पिंक बसों के संचालन हेतु 250 महिला चालकों और 250 महिला संवाहकों की नियुक्ति प्रक्रिया तेजी से जारी है। - संतोष झा-१३ अप्रैल/२०२६/ईएमएस