राज्य
13-Apr-2026


:: समीक्षा बैठक में अपर मुख्य सचिव श्रीमती रस्तोगी ने परखी प्रगति, जल स्रोतों के पुनर्जीवन के लिए 18 विभागों को दिए कड़े निर्देश :: इंदौर (ईएमएस)। मध्यप्रदेश में जल स्रोतों के पुनर्जीवन और संरक्षण के लिए संचालित जल गंगा संवर्धन अभियान की प्रगति को लेकर राज्य शासन ने कड़ा रुख अपनाया है। अपर मुख्य सचिव पंचायत एवं ग्रामीण विकास श्रीमती दीपाली रस्तोगी ने अभियान से जुड़े सभी सहभागी विभागों के नोडल अधिकारियों की बैठक लेकर कार्यों की विस्तार से समीक्षा की। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि रैंकिंग के लिए विशेष रूप से बनाए गए डैशबोर्ड में सभी विभाग अपनी प्रगति की जानकारी अनिवार्य रूप से दर्ज करें, जिससे अभियान के प्रभावी मूल्यांकन के साथ पारदर्शी निगरानी सुनिश्चित की जा सके। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में 19 मार्च से शुरू हुए इस अभियान का मुख्य उद्देश्य वर्षा जल की प्रत्येक बूंद को सहेजना और प्रदेश के पारंपरिक जल स्रोतों को पुनर्जीवित करना है। श्रीमती रस्तोगी ने अब तक किए गए विभागवार कार्यों की समीक्षा करते हुए कहा कि जल संरक्षण और पर्यावरण संवर्धन को लेकर संचालित यह अभियान तभी सफल होगा, जब निर्धारित लक्ष्यों को समय सीमा में पूरा किया जाएगा। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि वे जमीनी स्तर पर कार्यों की गुणवत्ता और गति दोनों पर विशेष ध्यान दें ताकि आगामी वर्षा ऋतु का अधिकतम लाभ मिल सके। बैठक के दौरान मध्यप्रदेश राज्य रोजगार गारंटी परिषद के आयुक्त अवि प्रसाद ने पोर्टल की तकनीकी बारीकियों और रिपोर्टिंग प्रक्रिया पर चर्चा की। उन्होंने बताया कि डैशबोर्ड के माध्यम से ही विभागों की रैंकिंग तय की जाएगी, इसलिए डेटा एंट्री में किसी भी प्रकार की त्रुटि या देरी नहीं होनी चाहिए। बैठक में पंचायत एवं ग्रामीण विकास, नगरीय प्रशासन, जल संसाधन, नर्मदा घाटी विकास, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी, कृषि, उद्यानिकी, महिला एवं बाल विकास, स्कूल शिक्षा, राजस्व और जन अभियान परिषद सहित कुल 18 विभागों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे, जिन्होंने अपने-अपने विभाग द्वारा संचालित गतिविधियों की विस्तृत जानकारी साझा की। प्रकाश/13 अप्रैल 2026