ज़रा हटके
14-Apr-2026
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-बर्नबी शहर में पार्कों, समुद्र किनारों या खेल मैदानों में सिगरेट पीने पर है रोक लंदन (ईएमएस)। आपने अपने शहर में, दफ्तर, स्कूल-कॉलेज में या कई जगह नो-स्मोकिंग के बोर्ड देखे होंगे लेकिन क्या आपने कभी ऐसे शहर की कल्पना की है जहां हर जगह सिगरेट की कश पर नजर रखी जाती हो। आपने सिगरेट के धुएं का एक छल्ला बनाया नहीं कि कानूनी कार्यवाही की जद में आ गए आप पर कार्रवाई भी हो और जुर्माना भी। जी हां कनाडा के ब्रिटिश कोलंबिया प्रांत में स्थित बर्नबी शहर अपनी हरियाली के लिए मशहूर तो है, लेकिन आज इसकी सबसे बड़ी पहचान एंटी-स्मोकिंग कानून है। यहां की हवा में निकोटिन की जगह कुदरत की ताजगी घुली है। क्योंकि, यहां के सार्वजनिक पार्कों, समुद्र के किनारों या खेल मैदानों तक में सिगरेट पीने पर सख्त पाबंदी है। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक कनाडा का बर्नबी शहर वैंकूवर का पड़ोसी है, लेकिन अपनी स्वास्थ्य नीतियों में यह काफी आगे निकल चुका है। यहां का प्रशासन पब्लिक हेल्थ को लेकर कोई समझौता नहीं करता। शहर प्रशासन ने सार्वजनिक स्थलों पर स्मोकिंग पर पूर्ण पाबंदी लगा दी है। बर्नबी के सभी सार्वजनिक पार्कों, बीच, खेल के मैदानों और गोल्फ कोर्स को पूरी तरह स्मोक-फ्री घोषित किया है। यहां आप बेंच पर बैठकर सिगरेट नहीं पी सकते। सख्त नियम लागू करते हुए पूरे शहर में 6 मीटर का बफर जोन बनाया गया है। इस नियम के मुताबिक किसी भी सार्वजनिक या व्यावसायिक इमारत के दरवाजे, खिड़की या हवा आने वाले रास्ते के 6 मीटर के दायरे में धूम्रपान करना कानूनन अपराध है। कई देशों में ई-सिगरेट को छूट मिलती है, लेकिन बर्नबी में वेपिंग और तंबाकू वाली सिगरेट, दोनों पर एक ही कानून लागू होता है। इस शहर के बारे में कई दिलचस्प तथ्य हैं। बर्नबी एक बहुत ही मल्टी-कल्चरल शहर है। यहां की करीब 50फीसदी से ज्यादा आबादी कनाडा के बाहर पैदा हुई है, जिसकी वजह से यहां आपको दुनिया भर का खाना और संस्कृति देखने को मिलती है। इस शहर में रिहाइश के नियम भी काफी सख्त हैं। बर्नबी शहर की लगभग 25फीसदी जमीन पार्कों और प्राकृतिक क्षेत्रों के लिए आरक्षित है। सिटी काउंसिल का तर्क है कि सिगरेट के फिल्टर न केवल गंदगी फैलाते हैं, बल्कि ये माइक्रोप्लास्टिक का सबसे बड़ा स्रोत हैं जो गलने में 10 साल से ज्यादा का समय लेते हैं। इसके अलावा सेकंड हैंड स्मोकिंग यानी दूसरों के धुएं से होने वाले नुकसान को रोकना इस पॉलिसी का मुख्य उद्देश्य है। बर्नबी शहर की सड़कों पर नो-स्मोकिंग नियमों का पालन कराने के लिए अफसर तैनात रहते हैं। यहां जुर्माना काफी भारी है। नियम तोड़ने पर 100 से लेकर 500 कनाडाई डॉलर तक की पेनल्टी लग सकती है। हालांकि, कई लोग इसे व्यक्तिगत स्वतंत्रता का हनन मानते हैं, लेकिन प्रशासन का स्पष्ट कहना है कि आपकी पसंद वहां खत्म हो जाती है, जहां से दूसरे की सेहत को खतरा शुरू होता है.। बर्नबी जैसे छोटे लेकिन व्यवस्थित शहरों का मॉडल भारत के लिए एक बड़ा सबक है। दिल्ली, मुंबई या बेंगलुरु जैसे शहरों में जहां आबादी का घनत्व बहुत ज्यादा है, वहां पूरे शहर को स्मोक-फ्री करना एक बड़ी चुनौती है, लेकिन छोटे स्तर पर पब्लिक पार्कों और कमर्शियल हब्स को पूरी तरह धुंआ-मुक्त बनाकर इसकी शुरुआत की जा सकती है। बर्नबी जैसे शहर ने साबित कर दिया है कि इच्छाशक्ति हो तो हवा को फिर से साफ बनाया जा सकता है। यह सिर्फ एक कानून नहीं, बल्कि भविष्य की पीढ़ी को स्वस्थ फेफड़े देने का एक वादा है। बर्नबी दुनिया का अकेला ऐसा शहर नहीं है जो धुएं के खिलाफ जंग लड़ रहा हो। मेक्सिको और भूटान जैसे कई देश भी इसी राह पर हैं जहां राइट टू क्लीन एयर को प्रमुखता दी जा रही है। सिराज/ईएमएस 14 अप्रैल 2026