नई दिल्ली (ईएमएस)। लंबे समय तक एक ही जगह पर बैठे रहने की आदत को दिल के लिए बेहद खतरनाक माना जा रहा है, जो धीरे-धीरे गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं को जन्म दे रही है। कार्डियोलॉजिस्ट के अनुसार, जब दिल की मांसपेशियों तक खून का प्रवाह सही तरीके से नहीं पहुंच पाता, तो इससे हार्ट की कोशिकाएं क्षतिग्रस्त हो सकती हैं या नष्ट भी हो सकती हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि उनके अनुभव में एक सामान्य आदत लगभग हर मरीज में देखने को मिलती है घंटों तक बिना हिले-डुले बैठे रहना। यह आदत दिल के दौरे के खतरे को लगभग दोगुना कर सकती है, लेकिन लोग अक्सर इसे नजरअंदाज कर देते हैं। लंबे समय तक बैठे रहने से शरीर का मेटाबॉलिज्म धीमा पड़ जाता है। ऐसे में खून में मौजूद फैट को तोड़ने वाले एंजाइम्स कम सक्रिय हो जाते हैं, जिससे शरीर में चर्बी जमा होने लगती है। यही कारण है कि आज के दौर में इस आदत को “नया स्मोकिंग” भी कहा जा रहा है। कई स्टडीज में यह सामने आया है कि जो लोग रोजाना 8 से 12 घंटे तक लगातार बैठे रहते हैं, उनमें हृदय रोग और हार्ट अटैक का खतरा काफी बढ़ जाता है। इसके अलावा, लगातार बैठे रहने से शरीर में ब्लड फ्लो धीमा हो जाता है और ब्लड शुगर का स्तर भी बढ़ सकता है। इससे खून के थक्के बनने की आशंका बढ़ती है, जो आगे चलकर हार्ट अटैक या स्ट्रोक जैसी गंभीर स्थितियों का कारण बन सकती है। विशेषज्ञों का कहना है कि इस समस्या से बचने के लिए भारी-भरकम जिम वर्कआउट की जरूरत नहीं है, बल्कि छोटी-छोटी आदतों में बदलाव काफी असरदार साबित हो सकते हैं। हर 30 से 60 मिनट में अपनी सीट से उठना, कुछ देर टहलना या हल्की एक्सरसाइज करना बेहद जरूरी है। नियमित रूप से शरीर को एक्टिव रखना ही दिल को स्वस्थ रखने का सबसे आसान और प्रभावी तरीका माना जा रहा है। बता दें कि आज के समय में दिल से जुड़ी बीमारियां सिर्फ बुजुर्गों तक सीमित नहीं रह गई हैं, बल्कि कम उम्र के लोग भी तेजी से इसकी चपेट में आ रहे हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि इसके पीछे हमारी बदलती जीवनशैली और खराब आदतें बड़ी वजह हैं। सुदामा/ईएमएस 14 अप्रैल 2026