राष्ट्रीय
14-Apr-2026
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नई दिल्ली (ईएमएस)। हाल ही में अमेरिका और ईरान के बीच शांति वार्ता के बेनतीजा रहने के बाद वैश्विक स्तर पर कच्चे तेल की आपूर्ति और कीमतों को लेकर चिंताएं बढ़ा दी हैं। आमतौर पर हम सभी यही जानते हैं कि क्रूड ऑयल का इस्तेमाल मुख्य रूप से पेट्रोल, डीज़ल और मिट्टी का तेल जैसे ईंधनों को बनाने के लिए होता है। हालांकि, यह जानकारी अधूरी है। विशेषज्ञों के मुताबिक, कच्चा तेल सिर्फ इन गिने-चुने उत्पादों तक सीमित नहीं है, बल्कि यह हमारी रोज़मर्रा की ज़िंदगी में इस्तेमाल होने वाली 6000 से भी ज़्यादा चीज़ों का आधार है। यूएस एनर्जी इन्फॉर्मेशन एडमिनिस्ट्रेशन (ईआईए) की एक रिपोर्ट के अनुसार, कच्चे तेल का सबसे बड़ा हिस्सा ज़रूर ईंधन उत्पादन में जाता है, जिसमें पेट्रोल, डीज़ल, केरोसीन, एलपीजी और एविएशन फ्यूल जैसे महत्वपूर्ण ऊर्जा स्रोत शामिल हैं। ये ईंधन न केवल हमारे वाहनों को गति देते हैं, बल्कि उद्योगों और विमानन क्षेत्र के लिए भी अत्यंत आवश्यक हैं। लेकिन इससे परे, कच्चा तेल आधुनिक जीवन का एक अदृश्य आधार है। दरअसल, कच्चे तेल को रिफाइनिंग प्रक्रिया के ज़रिए अलग-अलग घटकों में तोड़ा जाता है, जिन्हें पेट्रोकेमिकल्स कहा जाता है। इन्हीं पेट्रोकेमिकल्स से हज़ारों तरह के उत्पाद बनाए जाते हैं, जो हमारे जीवन को सहज और सुविधाजनक बनाते हैं। हमारी रोज़मर्रा की ज़िंदगी में प्लास्टिक उत्पादों की भरमार है, और इनमें से अधिकांश कच्चे तेल से प्राप्त पेट्रोकेमिकल्स से ही बनते हैं। बोतलें, कंटेनर, पैकेजिंग सामग्री, खिलौने, और पाइप – इन सभी में पॉलीथीन, पीवीसी, नायलॉन और पॉलिएस्टर जैसे पेट्रोलियम-व्युत्पन्न पदार्थ मौजूद होते हैं, जो उन्हें हल्का, टिकाऊ और बहुउपयोगी बनाते हैं। इसके अलावा, खेतों में इस्तेमाल होने वाले रासायनिक उर्वरकों का एक बड़ा हिस्सा भी पेट्रोकेमिकल्स पर आधारित होता है। शायद आपको जानकर आश्चर्य होगा कि आप जो कपड़े पहनते हैं, उनमें भी कच्चे तेल का योगदान होता है। पॉलिएस्टर, नायलॉन और एक्रेलिक जैसे सिंथेटिक फैब्रिक पेट्रोलियम से ही बनते हैं। ये कपड़े सस्ते, टिकाऊ और जल्दी सूखने वाले होते हैं, जिनकी वजह से इनका इस्तेमाल तेज़ी से बढ़ रहा है। ब्यूटी और स्किन केयर प्रोडक्ट्स जैसे क्रीम, लोशन, लिपस्टिक, शैम्पू और वैसलीन में भी पेट्रोलियम आधारित तत्वों का उपयोग किया जाता है, जो त्वचा को नमी प्रदान करने और उत्पादों की शेल्फ लाइफ बढ़ाने में मदद करते हैं। फार्मास्यूटिकल इंडस्ट्री में भी कच्चे तेल का महत्वपूर्ण योगदान है। कई जीवन रक्षक दवाइयां, कैप्सूल, सिरप और जटिल मेडिकल उपकरण पेट्रोकेमिकल्स से ही बनाए जाते हैं, जिससे स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाने में मदद मिलती है। हमारे सड़कों पर बिछाई जाने वाली डामर (तारकोल) भी कच्चे तेल का ही एक उप-उत्पाद है। पेंट, सीमेंट एडिटिव्स, इन्सुलेशन मटेरियल और सीलेंट्स में भी इसका उपयोग होता है, जो इन्फ्रास्ट्रक्चर के विकास का एक अभिन्न अंग है। इतना ही नहीं, मोबाइल, लैपटॉप, टीवी और अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों में इस्तेमाल होने वाले कई प्लास्टिक और केमिकल्स पेट्रोलियम से ही बनते हैं। वायर कवरिंग, सर्किट बोर्ड और कई कंपोनेंट्स में इसका व्यापक उपयोग होता है। डिटर्जेंट, साबुन, मोमबत्ती, फर्नीचर, किचन आइटम और यहां तक कि कुछ खाद्य पैकेजिंग भी पेट्रोकेमिकल्स से बनती हैं। संक्षेप में, क्रूड ऑयल सिर्फ पेट्रोल-डीज़ल तक सीमित नहीं है, बल्कि यह आधुनिक जीवन की रीढ़ है। हमारे कपड़ों से लेकर दवाइयों, गैजेट्स और रोज़मर्रा के सामान तक हर जगह इसका योगदान है। सुदामा/ईएमएस 14 अप्रैल 2026