राष्ट्रीय
14-Apr-2026
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डीजीपी ने उपद्रवियों को कड़ी चेतावनी देते हुए सख्त कार्रवाई की बात कही नोएडा,(ईएमएस)। नोएडा में फैक्ट्री मजदूरों का प्रदर्शन फिर शुरू हो गया है। सेक्‍टर 70, 80 और 120 में पुलिस और प्रदर्शनकारी आमने सामने आ गए और पुलिस से झड़प हो गई। इन लोगों ने पुलिस पर पथराव कर दिया। पुलिस ने मजदूरों को तितर बितर तो कर दिया, लेकिन लगता यह आंदोलन यहीं पर शांत नहीं होगा। पुलिस किसी भी तरह से लॉ एंड ऑर्डर को मेनटेन रखने की कोशिश कर रही है। एक बस पर पथराव करने की खबर है। उधर, हाईपावर कमेटी भी मंगलवार को प्रेस कॉन्‍फ्रेंस करने वाली है। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक इससे पहले सुबह 10 बजे से पहले तक नोएडा में माहौल थमा हुआ था। सोमवार को भड़की हिंसा के बाद मंगलवार को हालात सामान्य हैं। पुलिस-प्रशासन का पूरे शहर में सख्‍त पहरा है। जगह-जगह पुलिस बल फ्लैग मार्च कर रहा है। इसकी लगातार वीडियोग्राफी भी कराई जा रही है। पुलिस कमिश्‍नर से लेकर सभी आला अफसर अलग-अलग जगहों पर मौजूद हैं। ऐसा सभी इंडस्‍ट्रीयल इलाकों में किया जा रहा है, जहां सोमवार को विरोध प्रदर्शनों को अंजाम दिया गया था। अभी नोएडा में ऐसा कोई अलर्ट नहीं है कि‍ कहीं विरोध प्रदर्शन किया जा रहा हो। पुलिस ने कहा है कि मंगलवार किसी नए प्रदर्शन या ट्रैफिक चक्का जाम का कोई अलर्ट नहीं है, लेकिन एहतियात के तौर पर पूरे शहर में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी है। राज्य सरकार ने इस पूरे घटनाक्रम को गंभीरता से लेते हुए साजिश की आशंका जताई है। सीएम योगी ने मजदूरों के साथ-साथ उद्योग और व्यापार से जुड़े लोगों को भी सुरक्षा का भरोसा दिलाया है। वहीं डीजीपी ने उपद्रवियों को कड़ी चेतावनी देते हुए सख्त कार्रवाई की बात कही है। प्रशासन के मुताबिक सेक्टर-60, 62, 63 और औद्योगिक क्षेत्र फेज-2 में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात है साथ ही सोशल मीडिया पर नजर रखी जा रही है ताकि किसी भी अफवाह को तुरंत रोका जा सके। सोमवार को हुए प्रदर्शन में सबसे ज्यादा असर सेक्टर-63 क्षेत्र में देखने को मिला, जहां आईटी कंपनियों और फैक्ट्रियों पर हमला किया गया। कार शोरूम समेत कई परिसरों में तोड़फोड़ और आगजनी की गई। सेक्टर-63 थाने पर भी पथराव हुआ, जिसमें एसएचओ अमित काकरान बीच-बचाव में गिर गए। कई पुलिस वाहनों को भी उपद्रवियों ने निशाना बनाया। पुलिस के मुताबिक शहर के 83 स्थानों पर करीब 42 हजार श्रमिकों ने प्रदर्शन किया। अब तक करीब 300 लोगों को प्रिवेंटिव अरेस्ट कर न्यायिक हिरासत में भेजा गया है। सीसीटीवी फुटेज और वीडियो के आधार पर अन्य उपद्रवियों की पहचान जारी है। मजदूरों का यह प्रदर्शन सैलरी बढ़ोतरी, तय कार्य घंटे और ओवरटाइम भुगतान जैसी मांगों को लेकर हुआ था। इस मामले में राज्य सरकार ने भी संज्ञान लेते हुए बातचीत शुरू कर दी है और समाधान की दिशा में प्रयास किए जा रहे हैं। जानकारी के मुताबिक नोएडा पुलिस ने सभी कर्मियों की छुट्टियां रद्द कर दी हैं। पीएसी और आरएएफ की कई कंपनियां तैनात की गई हैं। आसपास के जिलों से अतिरिक्त फोर्स बुलाई गई है। पुलिस का दावा है कि कहीं भी फायरिंग नहीं की गई है। भ्रामक सूचना फैलाने वालों पर एफआईआर दर्ज, सोशल मीडिया के 2 अकाउंट चिन्हित किए गए हैं। हाई लेवल कमेटी गंभीरता से मामले पर जुटी हुई है। सीएम के निर्देश पर गठित हाई लेवल कमेटी की बैठक हो चुकी है। श्रमिकों और उद्यमियों के साथ कई दौर की बातचीत में कई मुद्दों पर सहमति बनी है। श्रम मंत्री अनिल राजभर ने भी हिंसा में बाहरी और देश विरोधी तत्वों की भूमिका की जांच की बात कही है। उधर, इस मुद्दे पर राजनीति भी गरमा गई है। अखिलेश यादव ने सरकार पर हमला बोलते हुए कहा कि मजदूरों की मांगों को नजरअंदाज किया जा रहा है और पूरी जिम्मेदारी प्रशासन की है। सिराज/ईएमएस 14अप्रैल26 ---------------------------------