ग्वालियर ( ईएमएस ) ग्वालियर सेंट्रल जेल से डॉ. भीमराव अंबेडकर जयंती पर आजीवन कारावास की सजा काट रहे नौ बंदियों को रिहा किया गया। इनमें एक महिला बंदी भी शामिल है। अच्छे आचरण और सामाजिक-धार्मिक गतिविधियों में भागीदारी के आधार पर शासन ने उनकी शेष सजा माफ की। रिहा किए गए सभी बंदी हत्या जैसे गंभीर मामलों में दोषी थे। वे 14 साल से ज्यादा समय से जेल में सजा काट रहे थे और एक ही प्रकरण में दोषी पाए गए थे। जेल प्रशासन ने बंदियों के नाम शासन को भेजे थे। प्रस्ताव पर स्वीकृति मिलने के बाद उनकी रिहाई की प्रक्रिया पूरी की गई। रिहाई से पहले जेल प्रशासन ने सभी बंदियों को शॉल और श्रीफल भेंट किए। कार्यक्रम में जेल अधिकारी और सामाजिक संस्थाओं के प्रतिनिधि उपस्थित रहे। जेल अधीक्षक विदित सरवईया ने बताया कि बंदियों का आचरण अच्छा रहा। इसी आधार पर शासन ने उनकी शेष सजा माफ करने का निर्णय लिया। रिहा किए गए बंदियों में सुरेश उर्फ सज्जन, पंचम जाटव, आशीष शर्मा, जमुना अहिरवार, छोटे और छोटया माली, अजय तोमर, मोहर सिंह, महेंद्र सिंह और लीलाबाई शामिल हैं।