मुंबई, (ईएमएस)। महाराष्ट्र में सड़क सुरक्षा को लेकर सख्त कदम उठाते हुए अब पुलिस और सरकारी कर्मचारियों के लिए भी दोपहिया वाहन चलाते समय हेलमेट पहनना अनिवार्य कर दिया गया है। इस संबंध में डीजीपी कार्यालय की ओर से नया परिपत्र जारी किया गया है, जिसमें सभी पुलिस कर्मियों को हेलमेट पहनने के स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं। अक्सर देखा गया है कि आम नागरिकों के साथ-साथ कई पुलिस और सरकारी कर्मचारी भी हेलमेट का उपयोग नहीं करते थे। खासकर मुंबई और नागपुर को छोड़कर राज्य के अन्य हिस्सों में यह लापरवाही ज्यादा सामने आई है। अब नए आदेश के तहत सभी के लिए हेलमेट पहनना जरूरी कर दिया गया है। पिछले एक वर्ष में राज्य में सड़क दुर्घटनाओं में 15 हजार से अधिक लोगों की मौत हुई है, जिनमें करीब 7 हजार दोपहिया चालक शामिल हैं। इन हादसों में हेलमेट न पहनना एक बड़ा कारण माना गया है। बताया जा रहा है कि इसी को ध्यान में रखते हुए यह सख्त निर्णय लिया गया है। नियमों के पालन के लिए पुलिस विभाग सीसीटीवी कैमरों का भी इस्तेमाल करेगा। हेलमेट न पहनने वाले पुलिस कर्मियों की पहचान कर उनसे जुर्माना वसूला जाएगा। नियम के तहत हेलमेट न पहनने पर 500 रुपये का जुर्माना लगाया जाएगा। हाल ही में नागपुर में राज्य के सभी ट्रैफिक अधिकारियों की बैठक के बाद यह निर्णय लिया गया। अपर पुलिस महानिदेशक (यातायात) प्रवीण सालुंके ने चेतावनी दी है कि नियमों का जानबूझकर उल्लंघन करने वाले अधिकारियों के खिलाफ न सिर्फ जुर्माना लगाया जाएगा, बल्कि उनकी सेवा पुस्तिका में भी इसकी एंट्री की जाएगी। वहीं पुणे में भी सभी पुलिस कर्मियों के लिए हेलमेट नियम लागू कर दिया गया है। ट्रैफिक पुलिस के उपायुक्त हिम्मत जाधव ने नागरिकों से भी हेलमेट पहनने की अपील की है। उन्होंने कहा कि यदि कोई पुलिस कर्मचारी बिना हेलमेट वाहन चलाते हुए दिखे, तो उसकी जानकारी दी जाए। बहरहाल कानून के तहत मोटर वाहन अधिनियम की धारा 194-डी के अनुसार हर दोपहिया चालक के लिए हेलमेट पहनना अनिवार्य है। अब इस नियम को सख्ती से लागू करते हुए पुलिस और सरकारी कर्मचारियों को भी इसका पालन करना होगा, ताकि वे समाज के लिए एक आदर्श प्रस्तुत कर सकें। स्वेता/संतोष झा-१४ अप्रैल/२०२६/ईएमएस