राष्ट्रीय
15-Apr-2026


पटना(ईएमएस)। बिहार में भ्रष्टाचार के खिलाफ जारी मुहिम के तहत आर्थिक अपराध इकाई (ईओयू) ने एक बड़ी कार्रवाई करते हुए किशनगंज नगर थाना के थानाध्यक्ष अभिषेक कुमार रंजन पर शिकंजा कसा है। आय से अधिक संपत्ति अर्जित करने के मामले में की गई इस छापेमारी ने पुलिस महकमे में हड़कंप मचा दिया है। जांच एजेंसी को अब तक करोड़ों रुपये की अवैध संपत्ति, आलीशान मकान, जमीन के दस्तावेज और लग्जरी लाइफस्टाइल के पुख्ता सबूत मिले हैं। ईओयू की टीम ने पटना स्थित विशेष न्यायालय से वारंट प्राप्त करने के बाद मंगलवार सुबह एक साथ कई ठिकानों पर धावा बोला। इसमें किशनगंज स्थित सरकारी आवास, थाना परिसर का कार्यालय और पटना के रामकृष्ण नगर स्थित निजी आवास शामिल थे। जांच में सामने आया है कि थानाध्यक्ष ने अपनी वैध आय से लगभग 115.66 प्रतिशत अधिक संपत्ति जमा की है। आधिकारिक आंकड़ों के मुताबिक, उनके पास करीब 2.09 करोड़ रुपये की कुल परिसंपत्ति मिली है, जिसमें से 1.70 करोड़ रुपये का कोई वैध स्रोत नहीं मिला है। छापेमारी के दौरान पटना के रामकृष्ण नगर में 2200 वर्ग फीट में बना एक भव्य चार मंजिला मकान मिला है, जिसकी कीमत 2 करोड़ रुपये से अधिक आंकी जा रही है। इसके अलावा छपरा के प्रभुनाथ नगर में भी एक कीमती मकान और पैतृक गांव में निर्माणाधीन संपत्ति का पता चला है। जांच का दायरा बिहार से बाहर पश्चिम बंगाल तक फैला हुआ है। सिलीगुड़ी में दार्जिलिंग रोड पर 6 कट्ठा जमीन की खरीद और वहां एक फ्लैट से संबंधित दस्तावेज भी मिले हैं। मुजफ्फरपुर में भी कम रजिस्ट्री मूल्य पर जमीन खरीदने के साक्ष्य सामने आए हैं। थानाध्यक्ष की लग्जरी जीवनशैली भी जांच के घेरे में है। साक्ष्यों से पता चला है कि वे हाल ही में परिवार के साथ हवाई यात्रा कर मुंबई गए थे और वहां प्रतिष्ठित ताज होटल में ठहरे थे। इसके अलावा बैंक खातों, म्यूचुअल फंड और शेयर बाजार में लाखों रुपये के निवेश की जानकारी मिली है। ईओयू अब इस मामले में जमीन सिंडिकेट के साथ उनके संभावित संबंधों की भी पड़ताल कर रही है। भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मामला दर्ज कर आगे की जांच की जा रही है, जिससे आने वाले दिनों में और भी बड़े खुलासे होने की उम्मीद है। यह कार्रवाई स्पष्ट संदेश देती है कि सरकारी पदों का दुरुपयोग कर अवैध कमाई करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा। वीरेंद्र/ईएमएस/15अप्रैल2026