क्षेत्रीय
15-Apr-2026
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- निवेश के लिये अनुकूल वातावरण व जमीन उपलब्ध कराना जिला प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता ग्वालियर ( ईएमएस ) | औद्योगिक प्रयोजन के लिये भूमि अधिग्रहण (भू-अर्जन) और सरकारी जमीन के आवंटन का कार्य समय-सीमा में पूर्ण करें। साथ ही पूरी प्रक्रिया के दौरान विधिक प्रावधानों का पालन सुनिश्चित करें, जिससे भविष्य में औद्योगिक विकास में कोई कानूनी अड़चन न आए। इसके लिये एमपीआईडीसी (मध्यप्रदेश औद्योगिक विकास निगम) एवं संबंधित राजस्व अधिकारी आपसी समन्वय बनाकर काम करें। इस आशय के निर्देश कलेक्टर श्रीमती रुचिका चौहान ने जिले के औद्योगिक क्षेत्रों के विकास कार्यों की समीक्षा के दौरान दिए। बुधवार को कलेक्ट्रेट के सभागार में आयोजित हुई बैठक में एमपीआईडीसी द्वारा विकसित किए जा रहे मोहना औद्योगिक क्षेत्र, स्टोन पार्क व रंग मिल इंडस्ट्रीयल एरिया की प्रगति की विस्तार से समीक्षा की गई। कलेक्टर श्रीमती रुचिका चौहान ने कहा कि शासन की मंशा के अनुरूप औद्योगिक निवेश के लिये अनुकूल वातावरण का निर्माण और जमीन की उपलब्धता सुनिश्चित करना जिला प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। यदि किसी भी औद्योगिक क्षेत्र में कोई समस्या हो तो उसे तत्काल ध्यान में लाएं। बैठक में एमपी आईडीसी ग्वालियर की कार्यकारी निदेशक श्रीमती अनीशा श्रीवास्तव, एसडीएम एवं भू-अर्जन अधिकारी श्री सूर्यकांत त्रिपाठी, लोक निर्माण विभाग, सेतु संभाग के कार्यपालन यंत्री सहित औद्योगिक विकास निगम व राजस्व विभाग के अन्य अधिकारी मौजूद थे। लगभग 210 हैक्टेयर में विकसित हो रहा है मोहना औद्योगिक क्षेत्र राज्य सरकार द्वारा मोहना में 210 हैक्टेयर से अधिक रकबे में औद्योगिक क्षेत्र विकसित किया जा रहा है। यहां पर अधोसंरचना के विकास के लिये सरकार द्वारा लगभग 140 करोड़ रुपए की धनराशि मंजूर की गई है। मोहना में 162 औद्योगिक प्लॉट्स विकसित किए जा रहे हैं। देश के चुनिंदा औद्योगिक क्षेत्र में शामिल होगा मोहना, बनेगा प्लग-एण्ड-प्ले इंडस्ट्रियल पार्क राज्य सरकार की उद्योग फ्रेंडली नीति की बदौलत ग्वालियर जिले को औद्योगिक विकास के क्षेत्र में बड़ी खुशखबरी मिलने जा रही है। देश के चुनिंदा औद्योगिक क्षेत्रों में ग्वालियर जिले का मोहना औद्योगिक क्षेत्र भी शामिल होगा। भारत सरकार की भारत औद्योगिक विकास योजना के तहत मोहना औद्योगिक क्षेत्र को विकसित करने का प्रस्ताव तैयार किया गया है। इस योजना के तहत मैन्युफैक्चरिंग से होने वाली ग्रोथ को तेज करने के लिये इंडस्ट्रियल ईको सिस्टम को मजबूती देकर प्लग एण्ड प्ले इंडस्ट्रियल पार्क बनाया जायेगा। जिसमें विश्व स्तरीय औद्योगिक ढांचा तैयार होगा। योजना के तहत वैल्यू एडेड : फैक्ट्री शेड, वेयर हाउस व टेस्टिंग लैब, 100 से 1000 एकड़ तक के इंडस्ट्रियल पार्क के लिये वित्तीय सहायता, कनेक्टिविटी, क्लस्टर आधारित विकास व सप्लाई चैन मजबूत की जाती है। इससे एमएसएमई, बड़ी इंडस्ट्रीज, वर्कर्स और स्थानीय समुदाय को बड़ा फायदा होगा। स्टोन पार्क से हटाए जायेंगे अतिक्रमण स्टोन पार्क के विकास व व्यवसाय में बाधा बन रहे अतिक्रमण हटाए जायेंगे। इस दिशा में अतिक्रमणकारियों को एमपीआईडीसी द्वारा नोटिस जारी कर दिए गए हैं। कलेक्टर श्रीमती रुचिका चौहान ने समीक्षा बैठक में कहा कि विधिक प्रक्रिया का पालन कर जिला प्रशासन द्वारा जल्द ही स्टोन पार्क से अतिक्रमण हटवाए जायेंगे। खासतौर पर स्टोन पार्क की सड़क और हस्तशिल्प विभाग को आवंटित जमीन पर किए गए अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई की जायेगी। रंग मिल इंडस्ट्रियल एरिया के विकास पर भी हुई चर्चा शिक्षा नगर के पीछे रेसकोर्स रोड से जोड़ने वाले मार्ग के समीप स्थित रंग मिल इंडस्ट्रियल एरिया के विकास से संबंधित प्रस्तावों की समीक्षा भी बैठक में की गई। जिनमें औद्योगिक क्षेत्र के लिये आसान कनेक्टिविटी व एक नए पुल के निर्माण के प्रस्ताव शामिल हैं। कलेक्टर श्रीमती रुचिका चौहान ने कहा कि सूचना प्रौद्योगिकी सहित ऐसी औद्योगिक इकाईयों को यहां निवेश के लिये आमंत्रित करें, जिससे क्षेत्रीय लोगों को अधिक से अधिक रोजगार मिले और इस क्षेत्र के विकास को बढ़ावा मिले।