क्षेत्रीय
15-Apr-2026
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जबलपुर, (ईएमएस)। मानस भवन में मंगलवार शाम राष्ट्रीय हिंदू स्वाभिमान मंच द्वारा आयोजित कार्यक्रम में राजस्थान के पोखर नगरी से पधारे महंत प्रताप पुरी महाराज ने संत समाज की भूमिका पर विस्तार से विचार व्यक्त किए, उन्होंने कहा कि संतों को धर्म का ठेकेदार नहीं, बल्कि उसका प्रचारक बनकर रहना चाहिए, संत के आचरण में सात्विकता और शुद्धता का होना अनिवार्य है, क्योंकि समाज पर संतों का गहरा प्रभाव पड़ता है और लोग उनके आचरण का अनुसरण करते हैं, उन्होंने कहा कि संतों का राजनीति में आना पहले भी आवश्यक था और आज भी है, लेकिन यह प्रवेश स्वार्थ के लिए नहीं, बल्कि समाज के उत्थान और राष्ट्रहित के लिए होना चाहिए| कार्यक्रम में आचार्य राघवेंद्र देवाचार्य ने सनातन धर्म में संतों के महत्व पर प्रकाश डालते हुए प्राचीन काल से वर्तमान तक संतों की भूमिका का उल्लेख किया, वहीं पंडित धीरेंद्र शास्त्री ने भी अपने विचार रखते हुए समाज को धर्म और राष्ट्र के प्रति जागरूक रहने का संदेश दिया, मंच के संरक्षक माया जसवानी ने सभी को देश के लिए समर्पित होने की प्रेरणा दी, कार्यक्रम का शुभारंभ मां भारती के चित्र के समक्ष दीप प्रज्वलन एवं पूजन-अर्चन के साथ हुआ, अंत में संयोजक प्रवीण भारद्वाज ने सभी आए हुए अतिथियों एवं उपस्थितजनों का आभार व्यक्त किया। सुनील साहू / मोनिका / 15 अप्रैल 2026/ 05.51