ईरान परमाणु हथियार रखेगा तो कोई डील नहीं वाशिंगटन(ईएमएस)। इस्लामाबाद की शांति वार्ता विफल होने के बाद अमेरिका और ईरान के बीच शांति के प्रयास फिर से शुरू हो गए हैं। इस बीच अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने ईरान को चेतावनी दी है कि अगर वह परमाणु हथियार की दिशा में बढ़ता है तो कोई डील नहीं होगी। उन्होंने दावा किया कि जंग जल्द खत्म हो सकती है और इसके बाद तेल की कीमतों में बड़ी गिरावट आएगी। उन्होंने यह भी दावा किया कि अमेरिकी सेना ने ईरान को भारी नुकसान पहुंचाया है। ट्रंप के मुताबिक, ईरान की एयरफोर्स और रडार सिस्टम लगभग खत्म हो चुके हैं। हालांकि उन्होंने यह भी माना कि इस जंग का अंतिम नतीजा अभी पूरी तरह स्पष्ट नहीं है। ट्रंप ने ईरान की मौजूदा नेतृत्व व्यवस्था को नया और पहले से ज्यादा समझदार बताते हुए कहा कि हालात तेजी से बदल सकते हैं। उन्होंने कहा, आखिरकार नतीजा ही मायने रखता है और यह बहुत जल्द सामने आ सकता है। राष्ट्रपति ट्रंप ने यह भी कहा कि अमेरिका के पास ईरान के बुनियादी ढांचे को पूरी तरह तबाह करने की क्षमता है, लेकिन वह तनाव को और बढ़ाना नहीं चाहते। उन्होंने कहा कि हम एक घंटे के भीतर उनके सभी पुल और पावर प्लांट खत्म कर सकते हैं, लेकिन हम ऐसा नहीं करना चाहते। उन्होंने चीन को लेकर भी बड़ा दावा किया है। उन्होंने कहा कि चीन और अमेरिका बहुत समझदारी और बेहतर तरीके से साथ काम कर रहे हैं। चीन ने ईरान को हथियार न भेजने पर सहमति जताई है। हालिया रिपोट्र्स में भी यह सामने आया है कि अमेरिका ने बीजिंग से ईरान को हथियार सप्लाई न करने का आग्रह किया था। ट्रंप ने एक और अहम दावा करते हुए कहा कि चीन इस बात से बहुत खुश है कि अमेरिका स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को स्थायी रूप से खुला रखने की दिशा में काम कर रहा है। गौरतलब है कि यह समुद्री मार्ग दुनिया की करीब 20 प्रतिशत तेल सप्लाई के लिए बेहद अहम है और मौजूदा युद्ध के चलते यहां भारी तनाव बना हुआ है। तेल की कीमतों को लेकर की भविष्यवाणी इसी के साथ ट्रंप ने वैश्विक तेल बाजार को लेकर भी बड़ा दावा किया। उन्होंने कहा कि जैसे ही ईरान के साथ चल रहा संघर्ष खत्म होगा, कच्चे तेल की कीमतों में बहुत बड़ी गिरावट आएगी। ट्रंप ने कहा, जैसे ही यह युद्ध खत्म होगा, तेल की कीमतें बहुत तेजी से गिरेंगी। मुझे लगता है कि यह बहुत जल्द खत्म हो सकता है। मौजूदा समय में अमेरिका में गैस की कीमतें लगभग 4 डॉलर प्रति गैलन से ऊपर चल रही हैं, लेकिन आने वाले चुनावों तक इसमें बड़ी राहत देखने को मिल सकती है। बता दें कि अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव ने मिडिल ईस्ट की स्थिति को बेहद संवेदनशील बना दिया है। खासतौर पर स्ट्रेट ऑफ होर्मुज जैसे अहम समुद्री मार्ग पर असर पडऩे से वैश्विक सप्लाई चेन और तेल बाजार में अस्थिरता बढ़ी है। विनोद उपाध्याय / 15 अप्रैल, 2026