नई दिल्ली (ईएमएस)। केंद्र ने राज्य सरकारों को सूचित किया है कि देश में अब कोई भी नक्सली हिंसा प्रभावित जिला नहीं है। यह घोषणा गृह मंत्रालय द्वारा इस महीने की शुरुआत में आयोजित उच्चस्तरीय सुरक्षा समीक्षा के बाद की गई, जो वामपंथी उग्रवाद से निपटने के लिए 2015 में तैयार की गई राष्ट्रीय नीति और कार्य योजना के तहत की गई थी। गृह मंत्रालय ने आठ अप्रैल को नौ राज्यों को जारी एक आधिकारिक संचार में कहा कि 31 मार्च के बाद पूरी हुई व्यापक सुरक्षा समीक्षा से यह स्थापित हुआ है कि देश का कोई भी जिला वामपंथी उग्रवाद से प्रभावित श्रेणी में नहीं आता है। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने 30 मार्च को संसद को सूचित किया था कि भारत माओवादियों से मुक्त है। उच्चस्तरीय सुरक्षा समीक्षा बैठक भारत में वामपंथी उग्रवाद को समाप्त करने के लिए केंद्र सरकार द्वारा निर्धारित समयसीमा 31 मार्च को समाप्त हो जाने के मद्देनजर की गई थी। मंत्रालय ने कहा, भारत का नक्सली हिंसा से मुक्त होना केंद्र और विभिन्न राज्य सरकारों के निरंतर और समन्वित प्रयासों से प्राप्त एक ऐतिहासिक उपलब्धि है। इस तरह की आखिरी सुरक्षा समीक्षा बैठक 27 मार्च को की गई थी जिसमें छत्तीसगढ़ के बीजापुर और झारखंड के पश्चिम सिंहभूम, दो जिलों को वामपंथी उग्रवाद से प्रभावित श्रेणी में सूचीबद्ध किया गया था। गृह मंत्रालय ने अपने नवीनतम पत्र में आंध्र प्रदेश, बिहार, छत्तीसगढ़, झारखंड, मध्यप्रदेश, महाराष्ट्र, ओडिशा, तेलंगाना और पश्चिम बंगाल को सूचित किया है कि 37 जिलों को विरासत और विकास जिलों के रूप में वर्गीकृत किया गया है जबकि एक जिले को चिंताजनक जिला घोषित किया गया है। सुबोध/१५ -०४-२०२६