:: लारेंस विश्नोई गैंग के गुर्गे हैरी बॉक्सर ने दी जान से मारने की धमकी, सुरक्षा में एसएएफ के जवान तैनात :: इंदौर (ईएमएस)। शहर के प्रतिष्ठित व्यवसायियों, उद्योगपतियों और बिल्डरों पर अब संगठित अपराधी गिरोहों की टेढ़ी नजर जम गई है। साइबर ठगी के बाद अब विदेशी नंबरों से रंगदारी मांगने का सिलसिला शुरू हो गया है। ताजा मामले में शहर के नामी बिल्डर विवेक दम्मानी को कुख्यात लारेंस विश्नोई गैंग के सक्रिय सदस्य हैरी बॉक्सर ने वॉट्सऐप कॉल और वॉइस नोट के जरिए 5 करोड़ रुपये की फिरौती मांगी है। समय पर पैसा न देने पर उन्हें और उनके परिवार को जान से मारने की चेतावनी दी गई है। धमकी देने वाले हैरी बॉक्सर ने दम्मानी को कॉल कर न केवल करोड़ों की मांग की, बल्कि उनके परिवार की निजी गतिविधियों की जानकारी गिनाकर यह अहसास कराया कि गिरोह उनकी हर हलचल पर नजर रख रहा है। घबराए बिल्डर ने तत्काल पुलिस आयुक्त संतोष कुमार सिंह से मुलाकात कर आपबीती सुनाई। मामले की गंभीरता को देखते हुए क्राइम ब्रांच में प्रकरण दर्ज कर एसआई राजेश रघुवंशी की टीम को जांच सौंपी गई है। साथ ही, दम्मानी की सुरक्षा में एसएएफ के दो सशस्त्र जवान तैनात कर दिए गए हैं। :: विदेशी नंबरों से ऑपरेट हो रहा गिरोह :: पुलिस की प्राथमिक जांच में चौंकाने वाले तथ्य सामने आए हैं। गिरोह के स्थानीय गुर्गे शहर के रसूखदारों की दिनचर्या और उनके परिवार की रेकी करते हैं। यह जानकारी कनाडा या अन्य देशों में बैठे विदेशी हैंडलर्स को दी जाती है, जहाँ से वर्चुअल नंबरों के जरिए इंटरनेशनल कॉल कर धमकियां दी जा रही हैं। पिछले दो महीनों में लारेंस विश्नोई गैंग के नाम पर शहर में यह पांचवीं धमकी है। इससे पहले तुकोगंज में एक रियल एस्टेट कारोबारी से 15 करोड़ और महू के एक अस्पताल संचालक सहित खरगोन के व्यापारी से भी करोड़ों की रंगदारी मांगी जा चुकी है। :: एसआईटी और क्राइम ब्रांच सक्रिय :: पिछले महीने खरगोन में एक व्यापारी के घर पर दहशत फैलाने के उद्देश्य से की गई फायरिंग के तार भी इंदौर के इसी नेटवर्क से जुड़े पाए गए थे। पुलिस ने इस मामले में कुछ स्थानीय संदिग्धों को हिरासत में भी लिया है। पूरे घटनाक्रम की रिपोर्ट एसआईटी प्रमुख एडीजी डी. श्रीनिवास वर्मा को भेज दी गई है। हालांकि पुलिस ने विशेष टीम गठित कर कुछ गिरफ्तारियां की हैं, लेकिन इंटरनेशनल कॉल और वर्चुअल नेटवर्क के कारण फिरौती का यह सिलसिला पुलिस के लिए बड़ी चुनौती बना हुआ है। प्रकाश/15 अप्रैल 2026