मध्य प्रदेश कर्मचारी मंच ने लिखा मुख्यमंत्री को पत्र भोपाल (ईएमएस)। मध्य प्रदेश कर्मचारी मंच ने मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर मांग की है कि सरकार उच्च न्यायालय के संविदा कर्मचारियों और आउटसोर्स कर्मचारी एवं अंशकालीन कर्मचारी के संबंध में जो आदेश दिए हे उनको तत्काल संज्ञान में लेकर लागू करें जिससे प्रदेश के 5 लाख कर्मचारियों को उच्च न्यायालय के आदेश का लाभ हो सके और न्याय मिल सके। मध्य प्रदेश की उच्च न्यायालय ने प्रदेश के संविदा कर्मचारियों और आउटसोर्स कर्मचारी एवं अंशकालीन कर्मचारी के संबंध में आदेश जारी करा है कि 10 साल की सेवा पूर्ण कर चुके उक्त संवर्ग के कर्मचारियों को तत्काल नियमित न्यूनतम वेतन मान का लाभ दिया जाए तथा सरकारी कर्मचारियों के समान सुविधा का लाभ दिया जाए। राज सरकार उक्त संवर्ग के कर्मचारियों को नियमित न्यूनतम वेतनमान एवं नियमित कर्मचारियों के लाभ के समान अन्य लाभ से उक्त कर्मचारियों को वंचित नहीं रह सकती रख सकती। मध्य प्रदेश कर्मचारी मंच के प्रदेश अध्यक्ष अशोक पांडे ने बताया है कि देश की सर्वोच्च न्यायालय के पांच जस्टिसों की बेंच ने 10 अप्रैल 2006 को देश की सभी राज्य सरकारों की दैनिक वेतन भोगी संविदा कर्मचारियों से की संबंधित 212 याचिकाओं को एक करके एक बड़ा फैसला देते हुए आदेश पारित करा था कि दैनिक वेतन भोगी संविदा या अंशकालीन कर्मचारी के रूप में यदि अस्थाई कर्मचारी 10 साल की सेवा पूर्ण कर लेता है तो उसे नियमित किया जाए या नियमित वेतनमान दिया जाए लेकिन सरकार सर्वोच्च न्यायालय के आदेश को पूर्ण रूप से लागू नहीं कर रही है इसीलिए उच्च न्यायालय को सर्वोच्च न्यायालय के आदेश को आधार बनाकर बार-बार आदेश पारित करना करना पड़ रहा है मध्य प्रदेश सरकार ने 20 साल का समय निकल जाने के बाद भी सर्वोच्च न्यायालय के आदेश का पालन पूर्ण रूप से नहीं किया है जिस कारण मध्य प्रदेश सरकार के शासकीय एवं अर्द्ध शासकीय विभागों में 5 लाख से अधिक अस्थाई संविदा कर्मचारी नियमित कारण के लाभ से वंचित है यदि राज सरकार उच्च न्यायालय के वर्तमान आदेश को संज्ञान में लेकर इसका लाभ प्रदेश के संविदा आउटसोर्स दैनिक वेतन भोगी अंशकालीन कर्मचारियों को एक माह में नहीं देगी तो मध्य प्रदेश कर्मचारी मंच सरकार का ध्यान आकर्षित करने एवं उच्च न्यायालय के आदेश का पालन करने की मांग को लेकर भोपाल राजधानी में ध्यान आकर्षण आंदोलन करेगा आशीष पाराशर, 16 अप्रैल, 2026