इन्दौर (ईएमएस) मध्यप्रदेश उच्च न्यायालय खंडपीठ इन्दौर में राष्ट्रगीत वन्दे मातरम् को लेकर दायर एक अतिमहत्वपूर्ण जनहित याचिका पर सुनवाई करते कोर्ट ने कांग्रेस की महिला पार्षद फौजिया शेख, रूबीना खान को कारण बताओ नोटिस जारी करते प्रमुख सचिव, गृह सचिव सहित अन्य संबंधित शासकीय विभागों को भी सूचना पत्र जारी कर जवाब मांगा है। यह अति महत्वपूर्ण जनहित याचिका एडवोकेट योगेश हेमनानी ने मप्र हाई कोर्ट की इंदौर बेंच के समक्ष राष्ट्रीय गीत वंदे मातरम् के गायन के दौरान सरकारी और सार्वजनिक मंचों पर गरिमापूर्ण आचरण सुनिश्चित करने के लिए स्पष्ट कानूनी ढांचा बनाने की मांग को लेकर दायर की है। याचिका में संविधान के अनुच्छेद 51A (a) का हवाला देते हुए कहा गया है कि प्रत्येक नागरिक का यह मौलिक कर्तव्य है कि वह राष्ट्र के आदर्शों और प्रतीकों का सम्मान करे। ऐसे में सार्वजनिक पदों पर आसीन व्यक्तियों का आचरण मर्यादित और आदर्श होना चाहिए। इस जनहित याचिका पर मध्यप्रदेश उच्च न्यायालय खंडपीठ इन्दौर में जस्टिस विजय कुमार शुक्ला और जस्टिस आलोक अवस्थी की युगलपीठ के समक्ष प्रारंभिक सुनवाई के दौरान याचिकाकर्ता और एडवोकेट योगेश हेमनानी ने स्वयं पक्ष रखते हुए दलील दी कि वर्तमान में शासकीय संस्थानों में वंदे मातरम् के उच्चारण के समय आचरण और अनुशासन को लेकर कोई प्रभावी नियामक ढांचा मौजूद नहीं है। उन्होंने कोर्ट से प्रार्थना की कि राष्ट्रीय गीत की गरिमा बनाए रखने के लिए स्थापित संवैधानिक सिद्धांतों के अनुरूप स्पष्ट दिशा-निर्देश जारी किए जाएं। इसके बाद युगलपीठ ने कड़ा रुख अपनाते हुए मामले से संबंधित उक्त को नोटिस जारी किया है। ज्ञात हो इंदौर नगर निगम में बजट बहस के दौरान राष्ट्रीय गीत को लेकर हुए विवाद ने सभी को इस मुद्दे पर सोचने को विवश किया है और उसी संदर्भ में यह याचिका एडवोकेट योगेश हेमनानी ने दायर की है। उनके अनुसार यह प्रकरण वर्तमान में कोर्ट के विचाराधीन है। याचिका के माध्यम से यह सुनिश्चित करने का प्रयास किया जा रहा है कि भविष्य में किसी भी सार्वजनिक अथवा सरकारी कार्यक्रम में राष्ट्रीय गीत के गायन के समय अनुशासन और सम्मान की भावना अक्षुण्ण बनी रहे जिसके लिए प्रभावी नियामक ढांचा तैयार किया जाए। आनंद पुरोहित/ 16 अप्रैल 2026