फिरोजाबाद(ईएमएस) साइबर क्राइम के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत जनपद पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। साइबर क्राइम सेल और थाना साइबर क्राइम की संयुक्त टीम ने फर्जी लोन दिलाने के नाम पर ठगी करने वाले अंतरराज्यीय गिरोह का पर्दाफाश करते हुए तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार, गिरफ्तार अभियुक्तों की पहचान अवधेश कुमार, सनीवेश अवस्थी और कुनाल उपाध्याय के रूप में हुई है। ये आरोपी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म फेसबुक पर “धनी फाइनेंस” के नाम से फर्जी विज्ञापन चलाकर लोगों को लोन देने का झांसा देते थे और उनसे प्रोसेसिंग फीस व रजिस्ट्रेशन शुल्क के नाम पर पैसे ऐंठते थे। ऐसे करते थे ठगी आरोपी फेसबुक पर आकर्षक विज्ञापन डालकर लोगों को ₹5 लाख तक का लोन दिलाने का भरोसा देते थे। इसके बाद प्रोसेसिंग फीस के नाम पर ऑनलाइन पैसे मंगवाते और रकम को विभिन्न बैंक खातों में ट्रांसफर कराकर एटीएम के जरिए निकाल लेते थे। पुलिस जांच में सामने आया है कि ये लोग QR कोड के जरिए भी भुगतान लेते थे और म्यूल खातों का इस्तेमाल कर मनी लॉन्ड्रिंग करते थे। बरामदगी में क्या मिला पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से 1 लैपटॉप 7 मोबाइल फोन 3 पासबुक 10 एटीएम कार्ड ₹17,800 नकद बरामद किए हैं। इसके अलावा ठगी से कमाए गए करीब 12 से 15 लाख रुपये से खरीदी गई एक Hyundai Verna कार और एक Royal Enfield Bullet मोटरसाइकिल भी बरामद की गई है। पुलिस की कार्रवाई वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक के निर्देशन में की गई इस कार्रवाई में आरोपियों को विजयपुरा तिराहा क्षेत्र से गिरफ्तार किया गया। उनके खिलाफ संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर न्यायालय में पेश किया जा रहा है। बरामद इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों को फॉरेंसिक जांच के लिए भेजा गया है और डिजिटल साक्ष्यों का विश्लेषण जारी है। मामले के अंतरराज्यीय नेटवर्क को देखते हुए अन्य राज्यों से भी संपर्क किया जा रहा है। आमजन से अपील फिरोजाबाद पुलिस ने लोगों से अपील की है कि किसी भी अनजान कॉल या सोशल मीडिया विज्ञापन के झांसे में न आएं। बिना सत्यापन के किसी भी QR कोड या खाते में पैसे न भेजें। साइबर ठगी की स्थिति में तुरंत हेल्पलाइन नंबर 1930 या साइबर क्राइम पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराएं। ईएमएस