नारी शक्ति वंदन पखवाड़ा के तहत निगम परिषद के विशेष सम्मिलन में पारित हुआ प्रस्ताव महापौर श्रीमती राय लोकसभा में नारी शक्ति वंदन अधिनियम संबंधी कार्यवाही की प्रत्यक्ष दर्शी बनेंगी भोपाल(ईएमएस)। नगर निगम, भोपाल की परिषद के विशेष सम्मिलन में ‘‘नारी शक्ति वंदन अधिनियम’’ संबंधी प्रस्ताव सर्वसम्मति से पारित किया गया। निगम परिषद का विशेष सम्मिलन मध्यप्रदेश शासन नगरीय प्रशासन एवं आवास विभाग द्वारा दिए गए निर्देशों के अनुक्रम में नारी शक्ति वंदन पखवाड़ा के तहत परिषद का विशेष सम्मिलन आहूत किया गया। विशेष सम्मिलन की कार्यवाही से पूर्व सदन में महापौर श्रीमती मालती राय, निगम अध्यक्ष किशन सूर्यवंशी, नेता प्रतिपक्ष श्रीमती शबिश्ता जकी ने भारत रत्न डॉ.भीमराव अम्बेड़कर के चित्र पर पुष्पांजलि भी अर्पित की। राज्य शासन के निर्देशों के अनुक्रम में नगर निगम, भोपाल का विशेष सम्मिलन मध्यप्रदेश नगर पालिका अधिनियम 1956 की धारा 30 एवं मध्यप्रदेश नगर पालिका अधिनियम की 1961 की धारा 57 के अंतर्गत गुरूवार को आई.एस.बी.टी स्थित निगम परिषद सभागृह में आहूत किया गया। निगम अध्यक्ष किशन सूर्यवंशी की अध्यक्षता में प्रारंभ हुए सम्मिलन में निगम अध्यक्ष सूर्यवंशी ने परिषद के विशेष सम्मिलन के विषय ‘‘नारी शक्ति वंदन अधिनियम’’ के संबंध में संक्षिप्त जानकारी देते हुए सदस्यों से अधिनियम संबंधी प्रस्ताव पर चर्चा करने को कहा। प्रस्ताव पर चर्चा करते हुए पक्ष-विपक्ष के सदस्यों ने अपने विचार व्यक्त किए और ‘‘नारी शक्ति वंदन अधिनियम’’ को पारित करने का अनुरोध किया। चर्चा के दौरान सभी सदस्यों ने प्रस्ताव का समर्थन किया। महापौर श्रीमती मालती राय ने सदन को यह भी जानकारी दी कि उन्हें नारी शक्ति वंदन अधिनियम पर लोकसभा की कार्यवाही का अवलोकन दर्शक दीर्घा से करने हेतु प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा विशेष रूप से आमंत्रित किया गया है। महापौर श्रीमती राय शुक्रवार को लोकसभा की कार्यवाही का अवलोकन करते हुए अधिनियम के पारित होने व लागू होने की प्रक्रिया की साक्षी बनेंगी। प्रस्ताव पर महापौर श्रीमती मालती राय ने अपने वक्तव्य में सर्वप्रथम भारत रत्न डाॅ.भीमराव अम्बेड़कर की 135वी जयन्ती के अवसर भोपाल नगर निगम की परिषद एवं भोपाल शहर के वासियों की ओर से श्रद्धा-सुमन अर्पित किए। महापौर श्रीमती राय ने माध्यमिक शिक्षा मंडल की कक्षा 12वी के वाणिज्य संकाय में प्रथम स्थान प्राप्त करने वाली खुशी राय को सदन की ओर से बधाई देते हुए कहा कि निगम परिवार के हमारे सदस्य और वाचनालय विभाग में कार्यरत दुर्गेश राय की सुपुत्री कु.खुशी राय ने निश्चित ही अपनी मेहनत से शहर का मान बढ़ाया है और आज हम इस उपलब्धि पर अपने आपको भी गौरवान्वित महसूस कर रहे है। महापौर श्रीमती राय ने कहा कि किसी भी समाज की प्रगति महिलाओं की स्थिति से तय होती है। यदि महिलाएँ आगे बढ़ती है तो परिवार, समाज और देश अपने आप आगे बढ़ता है। महिलाओं को अवसर देना एक मजबूत राष्ट्र निर्माण की नींव रखने के समान है और ‘‘नारी शक्ति वंदन अधिनियम’’ इस दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। महापौर श्रीमती राय ने कहा कि यह अधिनियम समाज में लंबे समय से चली आ रही असमानताओं को कम करने का एक प्रयास है और इस बात का संकेत है कि अब महिलाओं की भागीदारी को गंभीरता से लिया जा रहा है तथा महिलाओं को निर्णय प्रक्रिया में भी शामिल किया जा रहा है। महापौर श्रीमती राय ने कहा कि महिलाओं के जीवन को बेहतर बनाने के लिए सरकार के बेटी बचाओ, बेटी पढाओ जैसे अभियानों से समाज की सोच में बदलाव आया है और बेटियों के प्रति जागरूकता बढ़ी है तथा बेटियों की शिक्षा के प्रति भी सकारात्मक माहौल बना है। आज पहले की तुलना में अधिक बेटियाँ स्कूल और कॉलेज तक पहुँच रही हैं। महापौर श्रीमती मालती राय ने भारत सरकार एवं मध्यप्रदेश शासन द्वारा महिलाओं की सुविधा एवं उन्हें आत्म निर्भर व आत्म सम्मानित बनाने के साथ ही उनके स्वास्थ्य की चिंता करते हुए शौचालय निर्माण, उज्ज्वला योजना आदि का उल्लेख करते हुए कहा कि इन योजनाओं से महिलाओं के जीवन में सुविधाएं बढ़ी है साथ ही उनके स्वास्थ्य में भी सुधार हुआ है और समय की बचत हो रही है। महापौर श्रीमती राय ने कहा कि सरकार की योजनाओं से शहरी क्षेत्रों के साथ ही ग्रामीण क्षेत्र की महिलाओं के जीवन में भी बदलाव आया है। महापौर श्रीमती राय ने कहा कि महिलाओं को आर्थिक रूप से सुदृढ़ बनाने के दृष्टिगत स्वसहायता समूहों के माध्यम से महिलाओं को आर्थिक गतिविधियों से जोडा है और अब वह छोटे-छोटे व्यवसाय कर रही है और अपने परिवार को आर्थिक रूप से मजबूत बना रही है। इस प्रकार की गतिविधियों से महिलाओं में आत्मविश्वास भी बढ़ा है और उनकी समाज में पहचान भी मजबूत हुई है। महापौर श्रीमती राय ने कहा कि महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त व आत्मनिर्भर बनाने हेतु जन-धन योजना, मुद्रा योजना जैसी कई योजनाएं भी क्रियान्वित की जा रही है और महिलाओं को शिक्षा, रोजगार, विज्ञान, खेल, प्रशासन एवं सेना जैसे हर एक क्षेत्र में अपनी उपस्थिति दर्ज कराने और अपने नेतृत्व व निर्णय क्षमता का प्रदर्शन भी कर रही है। महापौर श्रीमती राय ने कहा कि 33 प्रतिशत आरक्षण देने का उद्देश्य महिलाओं को निर्णय प्रक्रिया में उचित भागीदारी देना है। जब महिलाएँ निर्णय लेने में भागीदार बनेंगी तो समाज के हर वर्ग की जरूरतों को बेहतर तरीके से समझा और पूरा किया जा सकेगा। इससे शासन व्यवस्था अधिक संतुलित और संवेदनशील बनेगी। महापौर श्रीमती राय ने कहा कि हमें यह भी समझना होगा कि केवल कानून बनने से बदलाव पूर्ण नहीं होगा बल्कि असली बदलाव तब आएगा जब समाज की सोच में परिवर्तन होगा। श्रीमती राय ने आव्हान किया कि हमें अपने परिवार और आसपास के वातावरण में महिलाओं को बराबरी का सम्मान देते हुए उन्हें अपने सपनों को पूरा करने के अवसर एवं सहयोग भी देना होगा। महापौर ने कहा कि महिलाओं की सुरक्षा, शिक्षा एवं रोजगार तथा स्वयं निर्णय लेने के अवसर सुनिश्चित करने होंगे। यही सच्चे अर्थों में महिलाओं का सशक्तिकरण होगा। महापौर श्रीमती राय ने कहा कि समय के अनुसार महिलाओं को नेतृत्व देकर समावेशी और संतुलित विकास की दिशा में आगे बढ़ना देश के उज्ज्वल भविष्य के लिए आवश्यक है और यह अधिनियम उसी दिशा में एक मजबूत आधार प्रदान करता है तथा हमें आगे बढ़ने की प्रेरणा देता है। महापौर श्रीमती राय ने कहा कि महिलाओं का सम्मान और सशक्तिकरण केवल एक मुद्दा नहीं. बल्कि एक जिम्मेदारी है, जिसे हम सभी को मिलकर निभाना है। हम सबको मिलकर यह सुनिश्चित करना है कि इस अधिनियम का लाभ समाज के हर वर्ग तक पहुँचे। ‘‘नारी शक्ति वंदन अधिनियम’’ पर निगम परिषद के विशेष सम्मिलन में की गई चर्चा के उपरांत अध्यक्ष किशन सूर्यवंशी ने कहा कि नारी शक्ति वंदन अधिनियम देश की मातृ शक्ति को सम्मान और अधिकार देने का ऐतिहासिक संकल्प है। महिलाओं की भागीदारी नेतृत्व और निर्माण की क्षमता को नई पहचान देने का मजबूत कदम है। इससे लोकतंत्र और अधिक मजबूत, सशक्त, समावेशी और संतुलित बनेगा। श्री सूर्यवंशी ने कहा कि जहां महिलाओं की आवाज हर स्तर पर प्रभावी रूप से सुनाई देगी। श्री सूर्यवंशी ने कहा कि सम्पूर्ण चर्चा में सभी सदस्यों ने इस प्रस्ताव पर सार्थक रूप से भाग लिया और सभी ने नारी शक्ति वंदन अधिनियम के समर्थन किया। श्री सूर्यवंशी ने इस प्रस्ताव को सर्वसम्मति से पारित करने की घोषणा आसंदी से की। हरि प्रसाद पाल / 16 अप्रैल, 2026