राष्ट्रीय
17-Apr-2026


मुंबई,(ईएमएस)। टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (टीसीएस) नासिक कांड पर महाराष्ट्र के सीएम देवेंद्र फडणवीस ने कहा है कि किसी भी आरोपी को छोड़ा नहीं जाएगा। साथ ही इस मामले में केंद्रीय जांच एजेंसियों से हस्तक्षेप करने की मांग की गई है। यौन उत्पीड़न और जबरन धर्म परिवर्तन से जुड़े मामले नासिक से 7 कर्मचारियों को गिरफ्तार किया है। इनमें एक महिला कर्मचारी भी शामिल है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक सीएम फडणवीस ने इस मामले को बेहद चिंताजनक बताया है। साथ ही कहा है कि कड़ी कार्रवाई की जाएगी और इसकी जड़ तक जाने के लिए जांच की जाएगी। उन्होंने कहा कि हम इसमें शामिल किसी को नहीं बख्शेंगे। किसी को भी सुरक्षा नहीं मिलेगी। हमने केंद्रीय एजेंसियों से इस मामले की जांच करने को कहा है। उन्होंने आशंका जताई है कि मामला बड़े मॉड्यूल से जुड़ा हो सकता है। बता दें गुरुवार को इस मामले में पुलिस ने दो आरोपियों को कोर्ट में पेश किया था। जहां से उन्हें 18 अप्रैल तक पुलिस हिरासत में भेज दिया। कोर्ट में पेश किए गए आरोपियों की पहचान रजा रफीक मेमन (35) और शफी बिखान शेख (36) के रूप में हुई है। इन्हें संबंधित मामले में न्यायिक हिरासत में भेजे जाने के बाद बुधवार को फिर से गिरफ्तार किया गया। नासिक पुलिस आयुक्त संदीप कर्णिक ने दो महिला आरोपियों की भूमिका स्पष्ट करते हुए बुधवार को कहा था कि गिरफ्तार की गई यूनिट की ऑपरेशन और एचआर प्रमुख ने कथित तौर पर एक पीड़िता को शिकायत दर्ज कराने से हतोत्साहित किया था। इस सप्ताह की शुरुआत में पुलिस ने आठ महिला कर्मचारियों द्वारा दर्ज कराई गई शिकायतों की जांच के लिए एसआईटी का गठन किया गया। महिला कर्मचारियों ने दावा किया कि वरिष्ठ सहकर्मियों ने उनका मानसिक और यौन उत्पीड़न किया, जबकि एचआर विभाग ने उनकी शिकायतों को नजरअंदाज कर दिया। आरोपी की पहचान दानिश शेख, तौसीफ अत्तार, रजा मेमन, शाहरुख कुरैशी, शफी शेख, आसिफ आफताब अंसारी और शाहरुख शेख के रूप में हुई है। सिराज/ईएमएस 17अप्रैल26