राष्ट्रीय
17-Apr-2026


नई दिल्ली,(ईएमएस)। राज्यसभा में शुक्रवार को एक दिलचस्प राजनीतिक घटनाक्रम देखने को मिला, जब आम आदमी पार्टी (आप) के सांसद राघव चड्ढा ने सदन में बोलते हुए अपनी ही पार्टी पर तंज कस दिया। उन्होंने कहा कि वह “हाल ही में हटाए गए उपनेता” हैं और इसके बावजूद सदन में मौजूद हैं, जबकि उनकी पार्टी के अन्य प्रमुख नेता अनुपस्थित हैं। सांसद चड्ढा ने यह टिप्पणी उस समय की, जब राज्यसभा में हरिवंश नारायण सिंह को लगातार तीसरी बार उपसभापति चुने जाने पर अभिनंदन प्रस्ताव पर चर्चा चल रही थी। उन्होंने कहा कि उनकी पार्टी के नेता और नवनियुक्त उपनेता सदन में मौजूद नहीं हैं, जिससे अप्रत्यक्ष रूप से उन्होंने संजय सिंह और अशोक कुमार मित्तल पर निशाना साधा। इस दौरान चड्ढा ने उपसभापति को बधाई देते हुए उन्हें बोलने का अवसर देने के लिए धन्यवाद भी दिया। उनका यह बयान पार्टी के भीतर हालिया मतभेदों की ओर इशारा करता है, जो सार्वजनिक रूप से भी चर्चा में रहे हैं। उधर, राज्यसभा में हरिवंश नारायण सिंह को निर्विरोध उपसभापति चुना गया। उनके समर्थन में केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा ने प्रस्ताव रखा, जिसका समर्थन अन्य सदस्यों ने किया और इसे ध्वनिमत से पारित कर दिया गया। घोषणा के बाद सभापति सी. पी. राधाकृष्णन ने उन्हें उपसभापति निर्वाचित घोषित किया। इसके पश्चात सदन के नेता और विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खरगे ने उन्हें उनकी सीट तक पहुंचाया, जहां प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी मौजूद रहे। गौरतलब है कि हरिवंश का यह लगातार तीसरा कार्यकाल है, जो उनकी स्वीकार्यता और संसदीय अनुभव को दर्शाता है। वहीं, राघव चड्ढा का बयान राज्यसभा के इस औपचारिक अवसर पर भी राजनीतिक हलचल पैदा कर गया। हिदायत/ईएमएस 17अप्रैल्26