टीएमसी ने इन खबरों को किया खारिज कहा- यह विपक्ष की एक सोची समझी साजिश कोलकाता,(ईएमएस)। बंगाल में विधानसभा चुनाव के प्रथम चरण के मतदान से ठीक पहले राजनीतिक गलियारों में खलबली मच गई, जब चुनावी रणनीतिकार संस्था आई-पैक के कामकाज को अस्थाई रूप से बंद करने की खबरें सामने आईं। शनिवार देर रात आई-पैक के कर्मचारियों को कथित तौर पर भेजे गए एक ई-मेल में कानूनी बाध्यताओं का हवाला देते हुए 20 दिनों की छुट्टी पर जाने का निर्देश दिया गया। हालांकि, सत्तारूढ़ टीएमसी ने इन खबरों को सिरे से खारिज करते हुए इसे विपक्ष की एक सोची समझी साजिश बताया। मीडिया रिपोर में सूत्रों के हवाले से बताया गया है कि सॉल्टलेक स्थित आई-पैक कार्यालय से कर्मचारियों को भेजे गए ई-मेल में कहा गया है कि कुछ कानूनी अड़चनों के कारण बंगाल में कामकाज फिलहाल रोका जा रहा है। कर्मियों को 11 मई तक के लिए छुट्टी दे दी गई है। रिपोर्टों में दावा किया गया है कि कोयला घोटाले की जांच के सिलसिले में हाल ही में ईडी द्वारा आई-पैक के सह-संस्थापक और निदेशक विनेश चंदेल की गिरफ्तारी और संस्था के ठिकानों पर हुई छापेमारी के बाद यह कदम उठाया गया है। चर्चा यह है कि मतदान की तारीखों 23 और 29 अप्रैल के दौरान आई-पैक की अनुपस्थिति टीएमसी के जमीनी चुनावी प्रबंधन को प्रभावित कर सकती है। रिपोर्ट के मुताबिक खबरों के तूल पकड़ते ही टीएमसी ने आधिकारिक बयान जारी कर स्थिति स्पष्ट की। पार्टी ने कहा कि आई-पैक द्वारा काम रोकने की खबरें पूरी तरह निराधार और भ्रामक हैं। आई-पैक की बंगाल टीम पूरी तरह सक्रिय है और हमारी चुनावी रणनीति योजनानुसार चल रही है। टीएमसी ने आरोप लगाया कि यह भ्रामक सूचनाएं बंगाल की जनता का ध्यान भटकाने और जमीनी स्तर पर भ्रम पैदा करने के लिए फैलाई जा रही हैं। पार्टी ने विश्वास जताया कि 4 मई को आने वाले चुनाव परिणाम इन साजिशों का करारा जवाब देंगे। आई-पैक और जांच एजेंसियों के बीच का विवाद अब सुप्रीम कोर्ट तक पहुंच गया है। बता दें कुछ समय पहले ईडी की छापेमारी में सीएम ममता बनर्जी आई-पैक दफ्तर पहुंची थीं और केंद्रीय एजेंसियों पर राजनीतिक प्रतिशोध का आरोप लगाया था। अभिषेक बनर्जी ने भी विनेश चंदेल की गिरफ्तारी को लोकतंत्र की हत्या बताया था। अब सवाल यह है कि क्या आई-पैक के कर्मी पर्दे के पीछे से काम करना जारी रखेंगे? सूत्रों का कहना है कि संस्था का एक हिस्सा वर्क फ्राम होम के जरिए सक्रिय रह सकता है, जबकि टीएमसी नेतृत्व ने साफ कर दिया है कि उनके चुनाव प्रचार की गति कम नहीं होगी। सिराज/ईएमएस 19अप्रैल26