सीपीआई सांसद का आरोप- आदर्श आचार संहिता का उल्लंघन; कांग्रेस ने भी साधा निशाना नई दिल्ली,(ईएमएस)। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के हालिया राष्ट्र के नाम संबोधन को लेकर राजनीतिक विवाद गहराता जा रहा है। भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (सीपीआई) के राज्यसभा सांसद पी. संदोष कुमार ने इस संबोधन के खिलाफ चुनाव आयोग में औपचारिक शिकायत दर्ज कराई है। सांसद का आरोप है कि प्रधानमंत्री मोदी का संबोधन राजनीतिक प्रकृति का था और यह आदर्श आचार संहिता का उल्लंघन करता है। सीपीआई सांसद ने मुख्य चुनाव आयुक्त को पत्र लिखकर मामले की जांच और उचित कार्रवाई की मांग की है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के संबोधन का उपयोग राजनीतिक विरोधियों पर निशाना साधने के लिए किया गया, जो एक सरकारी मंच का दुरुपयोग माना जा सकता है। यह विवाद तब शुरू हुआ जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को राष्ट्र के नाम संबोधन में ‘महिला आरक्षण संशोधन बिल’ को पारित न होने के लिए विपक्षी दलों को जिम्मेदार ठहराते हुए उनकी जमकर आलोचना की। उन्होंने कांग्रेस, डीएमके, टीएमसी और समाजवादी पार्टी सहित कई दलों पर आरोप लगाते हुए कहा था कि उनकी “स्वार्थी राजनीति” के कारण देश की नारी शक्ति को नुकसान उठाना पड़ा। पीएम मोदी के इस संबोधन के बाद विपक्षी दलों ने तीखी प्रतिक्रिया दी है। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने प्रधानमंत्री पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि उन्होंने राष्ट्र के नाम संबोधन को राजनीतिक भाषण में बदल दिया। खरगे ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर लिखा कि प्रधानमंत्री ने अपने संबोधन में कांग्रेस का बार-बार उल्लेख किया, जबकि महिलाओं के मुद्दों पर अपेक्षाकृत कम ध्यान दिया गया। उन्होंने इसे लोकतंत्र और संविधान की भावना के खिलाफ बताया। विपक्ष का कहना है कि चुनावी माहौल और खासकर आचार संहिता लागू होने की स्थिति में इस तरह के संबोधन से राजनीतिक लाभ लिए जा सकते हैं, इसलिए चुनाव आयोग को इस पर संज्ञान लेना चाहिए और उचित कार्रवाई करनी चाहिए। बहरहाल चुनाव आयोग से इसकी शिकायत की जा चुकी है ऐसे में फिलहाल यह मामला चुनाव आयोग के पास है और सभी की नजर इस बात पर टिकी है कि आयोग इस पर क्या रुख अपनाता है। हिदायत/ईएमएस 19अप्रैल26