राष्ट्रीय
19-Apr-2026
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चेन्नई,(ईएमएस)। चुनावी माहौल के बीच अभिनेता और राजनेता कमल हासन की एक टिप्पणी ने बड़ा राजनीतिक विवाद खड़ा कर दिया है। चेन्नई हार्बर में चुनाव प्रचार के दौरान उन्होंने तमिलनाडु के मंत्री सेकर बाबू के मंदिर पुनर्निर्माण कार्यों की तुलना चोल सम्राट राजराजा चोल प्रथम से कर दी थी, जिसके बाद भारतीय जनता पार्टी ने कड़ी आपत्ति जताई है और सार्वजनिक माफी की मांग की है। भाजपा का कहना है कि कमल हासन का यह बयान तमिल इतिहास और चोल साम्राज्य की विरासत का अपमान है। तमिलनाडु भाजपा के प्रवक्ता एएनएस प्रसाद ने इसे “बेहद खेदजनक” बताया और कहा कि राजराजा चोल जैसे महान शासक की उपलब्धियों की तुलना राजनीतिक लाभ के लिए नहीं की जानी चाहिए। उन्होंने मांग की कि कमल हासन अपने बयान को वापस लें और सार्वजनिक रूप से माफी मांगें। विवादित बयान में कमल हासन ने कहा था कि मंत्री सेकर बाबू ने राजराजा चोल से भी अधिक ‘कुंभभिषेकम’ (मंदिर अभिषेक) किए हैं। इसी टिप्पणी को लेकर भाजपा ने कड़ा विरोध दर्ज कराया है। प्रसाद ने कहा कि राजराजा चोल प्रथम ने न केवल बृहदीश्वर मंदिर जैसे ऐतिहासिक धरोहरों का निर्माण कराया, बल्कि चोल साम्राज्य का विस्तार श्रीलंका और दक्षिण-पूर्व एशिया तक किया था। भाजपा नेता ने यह भी कहा कि चोल शासनकाल में प्रशासनिक व्यवस्था और मंदिरों को दिए गए अनुदान ने धार्मिक और सांस्कृतिक परंपराओं को मजबूत किया। उन्होंने आरोप लगाया कि वर्तमान में एचआर एंड सीई विभाग के अंतर्गत कई मंदिरों में अव्यवस्था है और बुनियादी पूजा कार्यों में भी कठिनाइयां सामने आ रही हैं। इसके साथ ही भाजपा ने कमल हासन के राजनीतिक रुख पर भी सवाल उठाए और कहा कि उनकी टिप्पणियां डीएमके नेतृत्व के साथ नजदीकी के कारण प्रभावित हो सकती हैं। एएनएस प्रसाद ने उन्हें आत्ममंथन करने और अपने बयान की गंभीरता को समझने की सलाह दी। भाजपा ने यह भी सुझाव दिया है कि कमल हासन को तंजावुर स्थित बृहदीश्वर मंदिर जाकर राजराजा चोल को श्रद्धांजलि अर्पित करनी चाहिए, ताकि जनभावनाओं को ठेस न पहुंचे। पार्टी ने चेतावनी दी है कि यदि माफी नहीं मांगी गई तो विवाद और बढ़ सकता है। हिदायत/ईएमएस 19अप्रैल26