19-Apr-2026
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- एसआईटी ने भोपाल के सीहोर बायपास से पकड़ा भोपाल(ईएमएस)। अशोकनगर जिले के थाना पिपरई इलाके में नाबालिग बालिकाओं के धर्मांतरण, अपहरण और दुष्कर्म के मामले में पुलिस को बड़ी सफलता हाथ लगी है। एसपी राजीव कुमार मिश्रा द्वारा गठित की गई एसआइटी ने पूरे मामले की मुख्य कड़ी मानी जा रही आरोपी जस्सी किन्नर को भोपाल के सीहोर बायपास से गिरफ्तार कर लिया है। - यह है मामला जानकारी के अनुसार बीती 16 अप्रैल 2026 को पुलिस ने पिपराई थाने में नाबालिग किशोरियो के साथ दुष्कर्म और धर्मांतरण की रिपोर्ट दर्ज कराई गई थी। जिसमें 14, 15 और 17 साल की नाबालिगों को शादी और अच्छे जीवन का झांसा देकर भोपाल लाया गया था। आरोप है की आरोपियों ने किशोरियो को बहला-फुसलाकर उनका धर्म परिवर्तन कराने का प्रयास किया, बल्कि उनके साथ दुष्कर्म और जबरन निकाह भी किया। पुलिस ने बीएनएस की विभिन्न धाराओं सहित पॉक्सो एक्ट, म.प्र. धार्मिक स्वतंत्रता अधिनियम और एससी-एसटी एक्ट के तहत मामला कायम किया था। - एसआईटी को सौपीं गई जॉच मामले की गंभीरता को देखते हुए इसकी जॉ के लिये एसपी ने एसडीओपी अशोकनगर के नेतृत्व में एसआईटी गठित की। साथ ही, फरार आरोपियों की सूचना देने और गिरफ्तारी पर 10 हजार रुपये का इनाम भी घोषित किया गया। टीम ने कार्रवाई करते हुए सबसे पहले एक नाबालिक किशोर हिरासत में में लेकर उसे बाल संप्रेषण गृह भेजा। - जॉच में सामने आया जस्सी किन्नर का नाम आगे की जॉच में सामने आया की भोपाल के थाना कमलानगर इलाके में स्थित राजीवनगर की रहने वाली जस्सी किन्नर पिता मंजीत सिंह ने नाबालिग किशोरियो को अपने जाल में फंसाने के बाद उन्हें आरोपियों से मिलवाया और धर्म परिवर्तन के लिए लालच दिया, इतना ही नहीं इसके बाद जबरन बुर्का पहनाकर उनके साथ गलत काम किया गया। तकनीकी सुरागो के के आधार पर पुलिस ने घेराबंदी कर जस्सी किन्नर को सीहोर बायपास से गिरफ्तार कर पूछताछ के लिये पुलिस रिमांड पर लिया है। - पुलिस को संगठित गिरोह की संलिप्तता की आशंका सूत्रो के अनुसार एसआईटी टीम ने भोपाल से दो आरोपियों अल्तमश खान और आहत शेख को भी गिरफ्तार किया है। दोनों को हिरासत में लेकर पुलिस अशोकनगर पहुंची, जहां उनसे पूछताछ जारी है। मामले में तीसरा आरोपी अरहान अली पहले से भोपाल सेंट्रल जेल में बंद है, और उसे आदतन अपराधी बताया जा रहा है। वहीं मामले में गिरोह की मुख्य सदस्य जस्सी किन्नर को भी पुलिस गिरफ्तार कर चुकी है। एसआईटी की जांच में सामने आया है, कि तीनों आरोपियों के सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर कई हिंदू लड़कियों से संपर्क थे। पुलिस को शक है कि यह एक संगठित नेटवर्क के तहत काम कर रहे थे। जुनेद / 19 अप्रैल