यह विधेयक 2024 में विधानसभा में पारित हुआ था, राष्ट्रपति की नहीं मिली है मंजूरी कोलकाता,(ईएमएस)। टीएमसी के वरिष्ठ नेता अभिषेक बनर्जी ने रविवार को पानिहाटी से बीजेपी की उम्मीदवार रत्ना देबनाथ से पीएम मोदी से अपील की है। उन्होंने कहा कि वह राष्ट्रपति की मंजूरी के लिए लंबित अपराजिता विधेयक को जल्द से जल्द पास करवाएं। आरजी कर अस्पताल में दुष्कर्म के बाद जिस महिला चिकित्सक की हत्या की गई थी, रत्ना देबनाथ उनकी मां हैं और यह मामला भी उनसे ही जुड़ा है। बता दें यह विधेयक आरजी कर की घटना के बाद सितंबर 2024 में बंगाल विधानसभा में पास किया गया था। इसके तहत रेप के मामलों की जांच 21 दिन में पूरी करने का प्रावधान है। इसके अलावा फास्ट ट्रैक कोर्ट स्थापित करके दोषी को फांसी की सजा देने का भी प्रावधान है। हालांकि विधेयक को कानून बनने के लिए राष्ट्रपति से मंजूरी नहीं मिली है। टीएमसी के राष्ट्रीय महासचिव ने उत्तर 24 परगना के पनिहाटी में पार्टी उम्मीदवार तीर्थंकर घोष के समर्थन में रोड शो के बाद एक सभा को संबोधित करते हुए कहा कि प्रस्तावित विधेयक दुष्कर्म के दोषियों को 50 दिनों के अंदर समयबद्ध सजा दिलाने का प्रावधान करता है। अपराजिता महिला एवं बाल विधेयक सितंबर 2024 में विधानसभा में पारित हुआ था। यह विधेयक बीएनएस की कई धाराओं में दुष्कर्क के लिए सजा में बदलाव की मांग करता है। इस वजह से विधेयक केंद्र और राज्य में टकराव का विषय बन गया। बनर्जी ने बीजेपी पर निशाना साधते हुए कहा कि दोषियों को माला पहनाने वाली पार्टी न्याय नहीं दिला सकती। उन्होंने बीजेपी पर महिलाओं की सुरक्षा के मामले में दोहरे मापदंड अपनाने का आरोप लगाया। बनर्जी ने आरजी कर मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल में 9 अगस्त, 2024 को महिला चिकित्सक के साथ हुई वारदात का जिक्र करते हुए कहा कि टीएमसी सरकार ने तुरंत कार्रवाई की। उन्होंने कहा कि 48 घंटों के अंदर आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। सीएम ममता ने पीड़िता के परिवार से मुलाकात की और उन्हें हर तरह की मदद का आश्वासन दिया, जिसमें अगर वे चाहें तो सीबीआई जांच भी शामिल थी। सीएम ममता ने मतदाता सूची से नाम हटाने और लोगों को धार्मिक एवं जातिगत आधार पर विभाजित करने का प्रयास करने का आरोप लगाया और निशाना साधा। निर्वाचन क्षेत्र के लेडीज पार्क में आयोजित बैठक में ममता ने चुनावों को लोकतंत्र का उत्सव, न कि तानाशाही का बताया और कई समुदायों के लोगों से विधानसभा चुनावों से पहले एकजुट रहने का आग्रह किया। भवानीपुर विधानसभा चुनाव 2026 के सबसे चर्चित मुकाबलों में से एक बनकर उभरा है, जहां इस सीट से तीन बार विधायक रह चुकीं सीएम ममता का सीधा मुकाबला विपक्ष के नेता शुभेंदु अधिकारी से है। इस मुकाबले का महत्व इसलिए भी बढ़ गया है क्योंकि यहां 2021 के नंदीग्राम चुनाव जैसा ही मुकाबला माना जा रहा है, जहां टीएमसी छोड़कर बीजेपी में शामिल होने के बाद अधिकारी ने बनर्जी को हराया था। सिराज/ईएमएस 20अप्रैल26