राज्य
20-Apr-2026


पनागर के इमलिया में कटनी जिले के ग्राम पटी राजा से आनी थी बारात. जबलपुर, (ईएमएस)। प्रशासन की सतर्कता से अक्षय तृतीया पर होने जा रहे एक बाल विवाह को रोकने में कामयाबी मिली है। जिला कार्यक्रम अधिकारी महिला एवं बाल विकास सौरभ सिंह के मुताबिक पनागर परियोजना की टीम को सूचना मिली थी कि ग्राम पंचायत नरगवा सेक्टर इमलई में एक विवाह कार्यक्रम आयोजित हो रहा है, जहाँ परिणय सूत्र में बंधने जा रही वधु की उम्र 18 वर्ष से कम है। जिला कार्यक्रम अधिकारी ने बताया कि मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए टीम ने तुरंत मोर्चा संभाला और कार्यवाही सुनिश्चित की। ​जांच में यह तथ्य सामने आया कि विवाह के बंधन में बंधने जा रहे बालक और बालिका, दोनों की आयु कानूनी रूप से विवाह के लिये निर्धारित न्यूनतम आयु से कम है। इस विवाह के लिए बारात कटनी जिले के बहोरीबंद ब्लॉक के ग्राम पंचायत पटीराजा से आने वाली थी। मामले की गंभीरता को देखते हुए जबलपुर और कटनी जिले के अधिकारियों ने आपस में समन्वय स्थापित किया और एक संयुक्त रणनीति बनाकर कार्य किया। विभागीय टीम ने मौके पर पहुँचकर परिवार के सदस्यों को समझाइश दी और स्पष्ट किया कि नाबालिग बच्ची का विवाह करना एक गंभीर कानूनन अपराध है। इसके साथ ही, वर पक्ष से भी दूरभाष पर संपर्क साधा गया तथा महिला एवं बाल विकास विभाग की कटनी जिले को भी सूचना दी गई। जबलपुर से मिली सूचना पर कटनी जिले की टीम ने पटीराजा पहुँचकर वर पक्ष को कानून की जानकारी देते हुए बारात न ले जाने के लिए समझाइश दी। जबलपुर और कटनी की टीमों के संयुक्त प्रयासों और काउंसलिंग के परिणामस्वरूप दोनों ही पक्ष अपनी गलती स्वीकार करने पर सहमत हुए और उन्होंने आपसी सहमति से इस विवाह को तत्काल प्रभाव से स्थगित कर दिया। सुनील साहू / शहबाज / 20 अप्रैल 2026/ 09.00