:: पट्टाचार्य विशुद्ध सागर महाराज के सूर्यमंत्र से संस्कारित प्रतिमाएं होंगी विराजमान; मुनि आदित्य सागर ससंघ का मिलेगा सानिध्य :: इंदौर। कनाड़िया रोड स्थित शुभ लाभ होम्स कॉलोनी में नवनिर्मित श्री 1008 मुनिसुव्रतनाथ दिगम्बर जैन जिनालय की भव्य वेदी प्रतिष्ठा महामहोत्सव का चार दिवसीय आयोजन बुधवार, 22 अप्रैल से अत्यंत श्रद्धा और भक्तिभाव के साथ प्रारंभ होने जा रहा है। इस पावन प्रसंग पर श्रमण संस्कृति के महामहिम पट्टाचार्य 108 श्री विशुद्ध सागर महाराज के सूर्यमंत्र से संस्कारित जिन प्रतिमाएं नवनिर्मित वेदी में गरिमापूर्वक विराजमान की जाएंगी। धर्म समाज प्रचारक राजेश जैन दद्दू ने बताया कि यह आयोजन मुनि आदित्य सागर, मुनि अप्रमित सागर, मुनि सहज सागर एवं छुल्लक श्रेयस सागर ससंघ के मंगल सानिध्य में संपन्न होगा। इस पुण्य अनुष्ठान को गणाचार्य विरागसागर एवं संत शिरोमणि आचार्य विद्यासागर महाराज का मंगलमयी आशीर्वाद प्राप्त है। चार दिवसीय महोत्सव का शुभारंभ बुधवार प्रातः 6.30 बजे वैभव नगर स्थित दिगम्बर जैन मंदिर से निकलने वाली भव्य जिनबिम्ब शोभायात्रा के साथ होगा। इसके पश्चात ध्वजारोहण, मंडप शुद्धि, अभिषेक एवं शांतिधारा के अनुष्ठान होंगे। महोत्सव के प्रतिष्ठाचार्य शास्त्री संजय सरस के निर्देशन में गुरुवार को मुनिसंघ की अगवानी एवं वेदी संस्कार के विशेष विधान किए जाएंगे। :: मुख्य प्रतिष्ठा और कलशारोहण :: शुक्रवार, 24 अप्रैल को महोत्सव का मुख्य प्रतिष्ठा दिवस मनाया जाएगा, जिसमें प्रातः 8.00 बजे श्रीजी का वेदी पर स्थापन और शिखर पर कलशारोहण का पुण्य विधान होगा। इसके उपरांत आयोजित धर्मसभा में मुनिश्री के मांगलिक प्रवचन होंगे। धर्म प्रभावना के इसी क्रम में शुक्रवार रात्रि 8.00 बजे से भक्ति भाव के साथ भक्तामर पाठ और महिला परिषद द्वारा विशेष संगीतमय सांस्कृतिक कार्यक्रमों की प्रस्तुति दी जाएगी, जो श्रद्धालुओं के आकर्षण का मुख्य केंद्र रहेगी। :: विश्व शांति महायज्ञ के साथ पूर्णाहूति :: महोत्सव के अंतिम दिन शनिवार, 25 अप्रैल को समस्त अनुष्ठानों की विधिवत पूर्णाहूति होगी, जिसके अंतर्गत दोपहर 3.00 बजे से विशाल विश्व शांति महायज्ञ का आयोजन किया जाएगा। इस महायज्ञ में पुण्यार्जक परिवार मंत्रोच्चार के बीच आहुतियां समर्पित कर लोक कल्याण की भावना भाएंगे। मंदिर ट्रस्ट के सुनील जैन ने धर्मप्राण समाज से अपील की है कि वे वैभव नगर से शुरू होने वाली शोभायात्रा से लेकर समापन यज्ञ तक समस्त आयोजनों में सहभागी बनकर पुण्य लाभ अर्जित करें। प्रकाश/20 अप्रैल 2026