व्यापार
21-Apr-2026


- एल्युमीनियम, बिजली, तेल-गैस और लौह अयस्क इकाइयां होंगी अलग सूचीबद्ध नई दिल्ली (ईएमएस)। खनन क्षेत्र की प्रमुख कंपनी वेदांता लिमिटेड ने अपने प्रमुख व्यवसायों के बहु-प्रतीक्षित डीमर्जर (विभाजन) की प्रभावी तिथि की घोषणा कर दी है। कंपनी के निदेशक मंडल ने हाल ही में हुई अपनी बैठक में यह निर्णय लिया कि एल्युमीनियम, बिजली, तेल एवं गैस और लौह अयस्क इकाइयों को अलग-अलग सूचीबद्ध कंपनियों में विभाजित करने की योजना 1 मई, 2026 से प्रभावी होगी। इस पुनर्गठन का उद्देश्य कंपनी की कॉरपोरेट संरचना को सरल बनाना और संचालन पर ध्यान केंद्रित करना है। इस डीमर्जर योजना के तहत, वेदांता चार अलग-अलग कंपनियों - वेदांता एल्युमिनियम मेटल लिमिटेड (वीएएमएल), तलवंडी साबो पावर लिमिटेड, एनर्जी लिमिटेड और वेदांता आयरन एंड स्टील लिमिटेड को अलग से सूचीबद्ध करेगी। तलवंडी साबो पावर लिमिटेड का नाम बदलकर वेदांता पावर और माल्को एनर्जी लिमिटेड का नाम बदलकर वेदांता ऑयल एंड गैस किया जाएगा। वेदांता एल्युमीनियम मेटल लिमिटेड को भारत एल्युमीनियम कंपनी लिमिटेड (बाल्को) में अपनी शेयरधारिता भी हस्तांतरित करेगी। कंपनी ने बताया कि डीमर्जर के बाद, वेदांता के मौजूदा शेयरधारकों को प्रत्येक नई सूचीबद्ध कंपनी में 1:1 के अनुपात में इक्विटी शेयर प्राप्त होंगे। पात्र शेयरधारकों के निर्धारण के लिए 1 मई, 2026 को रिकॉर्ड तिथि निर्धारित की गई है। वेदांता के अनुसार, यह कदम क्षेत्र-केंद्रित स्वतंत्र कंपनियों का निर्माण करेगा, जिससे संप्रभु संपत्ति कोष, खुदरा और रणनीतिक निवेशकों सहित वैश्विक निवेशकों को वेदांता की विश्व स्तरीय संपत्तियों में प्रत्यक्ष निवेश के अवसर मिलेंगे। इससे विभिन्न व्यवसायों के सुगम संचालन में भी मदद मिलेगी। हालांकि, यह डीमर्जर प्रक्रिया कई बार स्थगित हो चुकी है। पहले 31 मार्च, 2025, फिर 30 सितंबर, 2025 और बाद में 31 मार्च, 2026 की समय सीमा तय की गई थी। अब इसे 30 जून तक बढ़ाया गया है, क्योंकि कुछ सरकारी प्राधिकरणों से मंजूरी अभी भी लंबित है। सतीश मोरे/21अप्रैल ---