राज्य
21-Apr-2026
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रायपुर(ईएमएस)। प्रदेश में रसोई गैस की कमी को लेकर फैली अफवाहों के बीच मार्च महीने में एलपीजी बुकिंग में अचानक भारी उछाल देखा गया था, जो अब सामान्य स्तर पर लौट आया है। सरकार ने स्पष्ट किया है कि राज्य में एलपीजी, पेट्रोल और डीजल की कोई कमी नहीं है और आपूर्ति पूरी तरह संतुलित स्थिति में है। कृषि विभाग की प्रमुख सचिव शहला निगार ने प्रेस कांफ्रेंस में बताया कि मार्च के दूसरे सप्ताह में अफवाहों के चलते औसत दैनिक एलपीजी बुकिंग 74 हजार से बढ़कर 1.30 लाख तक पहुंच गई थी। अब स्थिति सामान्य होने पर यह घटकर करीब 64 हजार प्रतिदिन पर आ गई है। उन्होंने बताया कि घरेलू और व्यावसायिक दोनों उपभोक्ताओं को निर्बाध आपूर्ति मिल रही है। राज्य सरकार लगातार केंद्र सरकार और पेट्रोलियम कंपनियों के संपर्क में है ताकि ईंधन की सप्लाई में कोई बाधा न आए। अधिकारियों के अनुसार, प्रदेश के 2465 पेट्रोल-डीजल पंप और तीन ऑयल कंपनियों के डिपो में पर्याप्त स्टॉक उपलब्ध है। मार्च में पेट्रोल की मांग 1.01 लाख किलोलीटर थी, जिसके मुकाबले 1.27 लाख किलोलीटर (126%) आपूर्ति की गई। वहीं डीजल की मांग 1.64 लाख किलोलीटर के विरुद्ध 3.00 लाख किलोलीटर (183%) आपूर्ति दर्ज की गई। एलपीजी और ईंधन की कालाबाजारी रोकने के लिए राज्यभर में सख्त कार्रवाई जारी है। अब तक 419 स्थानों पर छापेमारी कर 3946 गैस सिलेंडर जब्त किए गए हैं और 105 लोगों पर एफआईआर दर्ज की गई है। खाद्य विभाग की संचालक डॉ. फरिहा आलम सिद्दीकी ने बताया कि अवैध भंडारण और कालाबाजारी पर लगातार कार्रवाई की जा रही है। साथ ही शिकायतों के लिए राज्य और जिला स्तर पर कंट्रोल रूम बनाए गए हैं और टोल फ्री नंबर 1800-233-3663 भी जारी किया गया है। इसी बीच, कृषि विभाग ने बताया कि खरीफ सीजन के लिए 15.55 लाख टन उर्वरक की जरूरत का आकलन किया गया है, जिसमें से अब तक 56 प्रतिशत भंडारण पूरा हो चुका है। विभाग ने उर्वरक वितरण को पारदर्शी बनाने के लिए नई ऑनलाइन प्रणाली लागू करने की तैयारी भी शुरू कर दी है। सत्यप्रकाश(ईएमएस)21 अप्रैल 2026