:: जूनियर और यूथ नेशनल चैंपियनशिप : सांस रोक देने वाले मुकाबलों में तमिलनाडु, बंगाल, असम और महाराष्ट्र सेमीफाइनल में :: देहरादून (ईएमएस)। उत्तराखंड की राजधानी देहरादून के न्यू मल्टीपर्पज हॉल में जारी यूटीटी 87वीं इंटर-स्टेट जूनियर और यूथ नेशनल टेबल टेनिस चैंपियनशिप का परिदृश्य मंगलवार को पूरी तरह बदल गया। बॉयज टीम स्पर्धा के क्वार्टर फाइनल मुकाबलों में वह रोमांच देखने को मिला जिसने फाइनल की चमक को भी पीछे छोड़ दिया। सभी चार मुकाबले निर्णायक पांचवें रबर तक खिंचे और अंततः शीर्ष वरीय तमिलनाडु, पश्चिम बंगाल, असम एवं महाराष्ट्र ने कड़े संघर्ष के बाद सेमीफाइनल का टिकट हासिल किया। मैदान पर सबसे नाटकीय मोड़ महाराष्ट्र और हरियाणा के बीच हुए मुकाबले में आया जहाँ हरियाणा की एक रणनीतिक चूक उसे पदक की दौड़ से बाहर ले गई। हरियाणा ने अपने मुख्य खिलाड़ी दुकलान वत्सल को तीसरे रबर में उतारने का निर्णय लिया जो अंततः आत्मघाती साबित हुआ। एक समय हरियाणा के निकुंज अत्री चौथे गेम में 7-2 की मजबूत बढ़त के साथ जीत की दहलीज पर खड़े थे लेकिन महाराष्ट्र के ओइशिक घोष ने यहाँ से चमत्कारिक वापसी की। घोष ने न केवल वह गेम 13-11 से अपने नाम किया बल्कि अंतिम गेम में भी अपना नियंत्रण बनाए रखते हुए महाराष्ट्र की झोली में जीत डाल दी। तमिलनाडु की सफलता के सूत्रधार पी.बी. अभिंनद रहे जिन्होंने दबाव के क्षणों में दो महत्वपूर्ण एकल जीत दर्ज कर अपनी टीम को संकट से उबारा। इसी तरह असम के लिए प्रियांशु भट्टाचार्य और पश्चिम बंगाल के लिए पुनीत विश्वास ने भी अपने-अपने मैचों में दोहरे अंक अर्जित कर जीत की राह आसान की। दिल्ली की ओर से आर्जव गुप्ता ने साहसिक खेल दिखाते हुए दो रबर जीते लेकिन उन्हें अन्य साथियों का पर्याप्त सहयोग नहीं मिल सका जिससे दिल्ली का शानदार संघर्ष हार में तब्दील हो गया। इससे पहले खेले गए प्री-क्वार्टर फाइनल मुकाबलों में शीर्ष वरीय टीमों की बादशाहत देखने को मिली थी जहाँ तमिलनाडु, पश्चिम बंगाल और हरियाणा ने क्रमशः तेलंगाना, हिमाचल प्रदेश और जम्मू-कश्मीर के खिलाफ 3-0 की एकतरफा जीत दर्ज की थी। असम ने भी ओडिशा के विरुद्ध 3-2 की कड़ी मेहनत के बाद अंतिम आठ में जगह बनाई थी। अब बुधवार को होने वाले सेमीफाइनल मुकाबलों में इन विजेता टीमों के बीच और भी तीखी प्रतिस्पर्धा देखने को मिलेगी जहाँ दांव पर खिताबी पदक होगा। प्रकाश/21 अप्रैल 2026