बोले- सनातन का अपमान, नहीं सहेगा हिंदुस्तान भोपाल (ईएमएस)। भोपाल के न्यू मार्केट रोशनपुरा में ड्रेस कोड के खिलाफ लेंसकार्ट शोरूम के बाहर हिंदू उत्सव समिति के कार्यकर्ताओं ने प्रदर्शन किया। कार्यकर्ताओं ने कर्मचारियों को तिलक लगाया, मंत्रोच्चार के साथ कलावा बांधा और कहा कि सनातन का अपमान, नहीं सहेगा हिंदुस्तान। हिंदू उत्सव समिति के अध्यक्ष चंद्रशेखर तिवारी ने कहा कि संगठन लेंसकार्ट के बहिष्कार का आह्वान कर रहा है। यह हिंदुस्तान है, यहां तिलक, कलावा और बिंदी का सम्मान होना चाहिए। अगर कंपनी ने इन पर रोक लगाने की कोशिश की, तो इसे बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने कॉरपोरेट कंपनियों से कहा कि सनातन धर्म के प्रतीकों का अपमान हुआ, तो सख्त विरोध किया जाएगा। भले ही कंपनी के सीईओ पीयूष बंसल ने माफी मांगी हो, लेकिन संगठन इसे स्वीकार करने को तैयार नहीं है। अगर हमने कंपनी को ऊंचाइयों तक पहुंचाया है, तो जरूरत पडऩे पर उसे नीचे भी ला सकते हैं। बहिष्कार का ऐलान, कंपनी को चेतावनी हिंदू उत्सव समिति के अध्यक्ष चंद्रशेखर तिवारी ने कहा कि संगठन लेंसकार्ट के बहिष्कार का आह्वान कर रहा है। उनका कहना है कि भारत में तिलक, कलावा और बिंदी का सम्मान होना चाहिए। यदि कंपनी ने इन पर रोक लगाने की कोशिश की, तो इसे बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा कि सनातन धर्म के प्रतीकों का अपमान हुआ तो सख्त विरोध किया जाएगा। कंपनी के ष्टश्वह्र पीयूष बंसल की माफी स्वीकार नहीं है। अगर हमने कंपनी को ऊंचाइयों तक पहुंचाया है, तो जरूरत पडऩे पर नीचे भी ला सकते हैं। सिंदूर-कलावा पर रोक स्वीकार्य नहीं मध्य प्रदेश संत समिति के अध्यक्ष महाराज अनिल आनंद ने कहा कि कथित गाइडलाइन में महिलाओं को सिंदूर और कलावा पहनकर आने से रोकने की बात कही गई है, जो स्वीकार्य नहीं है। उनके मुताबिक भारत में सनातन परंपराओं का सम्मान होना चाहिए। किसी भी कंपनी को धार्मिक प्रतीकों पर रोक लगाने का अधिकार नहीं है। विवाद के बीच शोरूम के कर्मचारी मनीष भमारे ने कहा कि उन्हें कभी तिलक या कलावा पहनने से नहीं रोका गया। उन्होंने बताया कि नवरात्रि में वे तिलक और कलावा लगाकर काम पर आए थे। उनके अनुसार कंपनी की ओर से ऐसी कोई पाबंदी नहीं बताई गई। उन्हें प्रदर्शन से डर नहीं है और व्यक्तिगत तौर पर कोई समस्या नहीं हुई है।