क्षेत्रीय
22-Apr-2026
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- खरपतवार प्रबंधन में हितग्राही संवाद पर बल जबलपुर, (ईएमएस)। भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद खरपतवार अनुसंधान निदेशालय, जबलपुर ने बुधवार 22 अप्रैल 2026 को अपना 38वां स्थापना दिवस मनाया। कार्यक्रम का शुभारंभ राष्ट्रगीत एवं परिषद के महिमा गीत से हुआ, जिसके पश्चात निदेशालय के निदेशक डॉ. जे. एस. मिश्र ने सभी अतिथियों का स्वागत किया। उन्होंने खरपतवार विज्ञान के क्षेत्र में निदेशालय की प्रमुख उपलब्धियों पर प्रकाश डाला। इस अवसर पर डॉ. पी.के. मिश्रा, कुलगुरु, जवाहरलाल नेहरू कृषि विश्वविद्यालय, जबलपुर मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। अपने संबोधन में उन्होंने वैज्ञानिक खरपतवार प्रबंधन में सतत हितग्राही संवाद की आवश्यकता पर बल दिया तथा कहा कि वैज्ञानिकों द्वारा अनुशंसित तकनीकों का उपयोग निर्धारित दिशा-निर्देशों के अनुसार ही किया जाना चाहिए। साथ ही उन्होंने एकीकृत दृष्टिकोण के माध्यम से खरपतवार प्रबंधन को अपनाने पर जोर दिया। कार्यक्रम के विशिष्ट अतिथियों में डॉ. मंदीप शर्मा, कुलगुरु, नानाजी देशमुख पशु चिकित्सा विज्ञान विश्वविद्यालय, जबलपुर; डॉ. ए.के. विश्वकर्मा, परियोजना समन्वयक, एआईसीआरपी (तिल एवं रामतिल); डॉ. ए.के. पांडे, पूर्व कुलगुरु, सम्राट विक्रमादित्य विश्वविद्यालय, उज्जैन; डॉ. टी.आर. शर्मा, निदेशक (कृषि विस्तार), जवाहरलाल नेहरू कृषि विश्वविद्यालय, जबलपुर; डॉ. ए.के. श्रीवास्तव, अधिष्ठाता (कृषि अभियांत्रिकी), जवाहरलाल नेहरू कृषि विश्वविद्यालय, जबलपुर तथा राजीव कुमार सिंह, संचालक, विंग्स कॉन्वेंट स्कूल, जबलपुर शामिल थे। इस अवसर पर डॉ. मंदीप शर्मा ने गाजरघास एवं लैंटाना जैसे खरपतवारों के प्रभावी प्रबंधन पर विशेष जोर दिया, क्योंकि ये खरपतवार पर्यावरण के साथ-साथ पशुधन को भी प्रभावित करते हैं। डॉ. ए.के. विश्वकर्मा ने खरपतवार प्रबंधन में कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) आधारित तकनीकों की उपयोगिता पर प्रकाश डाला। डॉ. ए.के. पांडे ने चक्रीय अर्थव्यवस्था आधारित खरपतवार प्रबंधन, जिसमें खरपतवार के उपयोग पर विशेष बल दिया गया है। कार्यक्रम के समापन पर डॉ. पी.के. सिंह, प्रधान वैज्ञानिक एवं संयोजक द्वारा धन्यवाद ज्ञापित किया गया| कार्यक्रम का संचालन डॉ. योगिता घरडे, वरिष्ठ वैज्ञानिक द्वारा किया गया। - सुनील साहू / मोनिका / 22 अप्रैल 2026/ 01.59