मुंबई (ईएमएस)। बॉलीवुड की मशहूर अभिनेत्री मनीषा कोइराला आज भी भारतीय सिनेमा और अन्य मंचों पर सक्रिय हैं। दिल से, मन और गुप्त जैसी कई फिल्मों में अपने शानदार अभिनय से दर्शकों का दिल जीतने वाली अभिनेत्री को हाल ही में संजय लीला भंसाली की भव्य पीरियड ड्रामा हीरामंडी: द डायमंड बाजार में देखा गया। मनीषा कोइराला अक्सर कला और संस्कृति से जुड़े अपने अनुभवों को साझा करती रही हैं। हाल ही में उन्होंने नेपाल के एक प्रतिष्ठित म्यूजियम का दौरा किया, जहां उन्होंने अपने देश नेपाल की समृद्ध संस्कृति और अद्भुत कला से रूबरू होने का अवसर पाया। मनीषा कोइराला ने अपने इंस्टाग्राम पर एक पोस्ट साझा किया, जिसमें वह अपने दोस्तों के साथ खुशी के पल बिताती नजर आ रही हैं। अभिनेत्री का मानना है कि उनके लिए उनके दोस्त ही सबसे बड़ी ताकत और खुशी की कुंजी हैं। इस व्यक्तिगत पोस्ट के अलावा, अभिनेत्री ने नेपाल म्यूजियम की कुछ अद्भुत तस्वीरें भी साझा की हैं, जिनमें बौद्ध और हिंदू धर्म की कलात्मक झलक एक साथ देखने को मिल रही है। इन तस्वीरों में एक तरफ भगवान शिव के नटराज अवतार की भव्य पेंटिंग दिखाई देती है, तो दूसरी तरफ बौद्ध संस्कृति को दर्शाती शांतिपूर्ण और गहन कलाकृतियां हैं। एक पेंटिंग में अलग-अलग भाषाओं में कई प्राचीन मंत्र लिखे हुए हैं, जबकि कुछ पेंटिंग मां काली के रौद्र और शक्तिशाली रूप को अत्यंत कलात्मक ढंग से प्रदर्शित करती हैं। इन प्यारी और कलात्मक तस्वीरों को साझा करते हुए मनीषा ने लिखा, मुझे कुछ अद्भुत कलाकारों और मेरे दोस्तों का काम नेपाली कला संग्रहालय में देखने का मौका मिला। थंका और पौभा, जो समृद्ध नेवारी कला परंपराओं के प्रतीक हैं, उनके प्रति मेरा प्रेम समय के साथ और गहरा होता जा रहा है। हर कलाकृति में ऐसी भक्ति, इतिहास और आत्मा समाई हुई है। इसे देखना और इसके बारे में सीखना सचमुच एक विशेष और प्रेरणादायक अनुभव था। अभिनेत्री ने अपने अनुभव को साझा करते हुए बताया कि संग्रहालय में प्रदर्शित हर कलाकृति को इतने प्यार और बारीकी से तैयार किया गया था कि वे बिल्कुल जीवंत लगती थीं। उन्होंने महसूस किया कि हर प्रतिमा और पेंटिंग से कुछ न कुछ नया सीखने को मिल रहा है, जो उनके मन को शांति और प्रेरणा प्रदान कर रहा था। मनीषा ने इस बात का भी खुलासा किया कि उनकी भाभी भी काफी सालों से नेपाल में रहकर एक आर्ट एकेडमी चला रही हैं। उन्होंने कहा कि, किसी भी विदेशी महिला के लिए इस तरह की संस्था को बिल्कुल शुरुआत से शुरू करना आसान नहीं होता, लेकिन उनकी भाभी ने अपनी लगन और मेहनत से इसे संभव कर दिखाया है। मनीषा ने गर्व से बताया कि आज उनकी भाभी की दृढ़ता और परिश्रम की बदौलत ही इस संस्था ने कला जगत में एक मजबूत और सम्मानित नाम कमाया है, जो नेपाल की कला और संस्कृति को बढ़ावा देने में महत्वपूर्ण योगदान दे रहा है। सुदामा/ईएमएस 23 अप्रैल 2026