राज्य
23-Apr-2026


नई दिल्ली (ईएमएस)। ओपन जेल बनाने के मुद्दे पर सुप्रीम कोर्ट की ओर से दिए गए निर्देशाें को लागू करने का दिल्ली हाई कोर्ट ने बुधवार को दिल्ली सरकार को निर्देश दिया। मामले को जनहित याचिका के तौर पर लेकर मुख्य न्यायाधीश देवेंद्र कुमार उपाध्याय व न्यायमूर्ति तेजस कारिया की पीठ ने दिल्ली सरकार से कहा कि ओपन जेल के लिए एक प्रोटोकाॅल बनाने और उन कैदियों की पहचान करने के लिए सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों को लागू करने की रणनीति तैयार करें, जिन्हें वहां स्थानांतरित किया जा सकता है। पीठ ने साथ ही मामले पर दिल्ली सरकार को हलफनामा दाखिल करने को कहा। पीठ ने कहा कि दिल्ली सरकार इसमें 26 फरवरी को सुप्रीम कोर्ट द्वारा पारित आदेश का पालन सुनिश्चित करने के लिए उठाए गए कदमों का ब्योरा हो। पीठ ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट के निर्देश के अनुसार, हर राज्य और केंद्र शासित प्रदेश को ओपन करेक्शनल इंस्टीट्यूट (ओसीआई) के प्रबंधन के लिए एक निगरानी समिति बनानी होगी। इसकी अध्यक्षता राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण के कार्यकारी अध्यक्ष या उनके किसी प्रतिनिधि द्वारा की जाएगी। पीठ ने दिल्ली सरकार को कहा कि गृह सचिव को सूचित करें कि उन्हें समिति का गठन करना चाहिए और उस समिति को बैठक करके सुप्रीम कोर्ट के आदेश को लागू करने के लिए विशिष्ट रणनीतियां बनानी चाहिए। पीठ ने कहा कि दिल्ली सरकार को उन कैदियों की पहचान करनी होगी जिन्हें ओपन जेल में स्थानांतरित किया जा सकता है। पीठ ने इस काम के लिए दिल्ली सरकार को दो महीने का समय दिया। मामले की सुनवाई जुलाई माह के तक लिए स्थगित करते हुए दिल्ली राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण को स्थिति रिपोर्ट पेश करने का निर्देश दिया। पीठ ने कहा कि निगरानी समिति को ओसीआई के उपयोग, कामकाज और विस्तार की देखरेख करनी होगी और बंद जेलों से योग्य कैदियों की समय पर पहचान और ओसीआइ में उनके स्थानांतरण की सुविधा प्रदान करनी होगी। पीठ ने कहा कि समिति को समय-समय पर समीक्षा भी करनी चाहिए और सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों को लागू करने में आने वाली व्यवस्थागत बाधाओं को दूर करना चाहिए। अजीत झा/देवेन्द्र/नई दिल्ली/ईएमएस/24/ अप्रैल /2026