लेख
23-Apr-2026
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यूँ तो रुड़की का नाम दुनिया के नक्शे पर इंजीनियर नगरी के रूप में जाना जाता है।सैन्य इंजीनियरिंग के क्षेत्र में मिनटों में पुल बनाकर व चंद घण्टो में सड़क बनाकर युद्ध व शांतिकाल में बहादुरी व उपलब्धियों की इबारत लिखने वाले बंगाल सैपर्स पर जहां हमे नाज़ है,वही रुड़की के वर्तमान ज्वाइंट मजिस्ट्रेट दीपक रामचंद्र सेट ने स्वयं धरातल से जुड़कर रुड़की के सौंदर्यीकरण का नया इतिहास लिख डाला है।जिलाधिकारी मयूर दीक्षित की पहल पर उन्होंने रुड़की को संवारने के लिए स्वच्छता अभियान को पहले गति दी और स्वयं भी इस अभियान का हिस्सा बनकर आमजन को स्वच्छता से जोड़ने में सफल रहे है।उन्होंने रुड़की शहर को स्वच्छ और व्यवस्थित बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाया है। रुड़की तहसील परिसर में सौंदर्यकरण कार्यों का विधिवत उद्घाटन कैबिनेट मंत्री प्रदीप बत्रा और जिलाधिकारी मयूर दीक्षित द्वारा संयुक्त रूप से किया गया।इस दौरान तहसील परिसर को आधुनिक और आकर्षक स्वरूप में विकसित कर जनता को समर्पित किया गया। कार्यक्रम में कंप्यूटर सेंटर के प्रथम बैच का शुभारंभ भी किया गया, जिससे स्थानीय युवाओं को तकनीकी शिक्षा का लाभ मिलेगा। साथ ही, छात्राओं को बैग वितरित कर उन्हें प्रोत्साहित किया गया। सौंदर्यकरण के तहत तहसील के मुख्य प्रवेश द्वार का पुनर्निर्माण, दीवारों पर सुंदर पेंटिंग्स, और अतिक्रमण हटाने जैसे कार्य किए गए हैं। इन बदलावों से परिसर की साफ-सफाई और व्यवस्थापन में उल्लेखनीय सुधार देखने को मिल रहा है। कैबिनेट मंत्री प्रदीप बत्रा ने कहा कि रुड़की को स्वच्छ और सुंदर बनाना सरकार की प्राथमिकता है और ऐसे प्रयास लगातार जारी रहेंगे। वहीं, जिलाधिकारी मयूर दीक्षित ने कहा कि यह पहल प्रदेश सरकार के विकास विजन को मजबूती देने की दिशा में महत्वपूर्ण है।अब हम कह सकते है कि रुड़की तहसील पहले जैसी नही रही,न खुले गंदगी भरे नाले है,न ही अतिक्रमण और न ही जगह जगह अब कूड़े के ढेर नज़र आ रहे है,इन सबकी की जगह अब लगता है जैसे रुड़की तहसील पर्यटकों को लुभा रही हो,अपने सुंदर भित्तिचित्रों के माध्यम से सांस्कृतिक खुशबू बिखेर रही हो।अब अगर तहसील में कर्मचारियों की कामचोरी और भ्र्ष्टाचार जैसी शिकायते भी आना बंद हो जाए तो आमजन के विश्वास का केंद्र बन सकती है रुड़की तहसील, जिसमे अपने मेहनत का तड़का लगाकर दीपक रामचंद्र सेट जैसे अधिकारी आम पीड़ित के दुःख दूर कर उनके चेहरे पर समाधान की खुशी बिखेर रहे है।(लेखक आध्यात्मिक चिंतक व वरिष्ठ साहित्यकार है) ईएमएस / 23 अप्रैल 26