क्षेत्रीय
23-Apr-2026
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नई दिल्ली (ईएमएस)। जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (जेएनयू) में शिक्षण कर्मचारियों के बच्चों को यूजी और पीजी कार्यक्रमों में दाखिले के लिए पांच प्रतिशत सुपरन्यूमेरी कोटा देने के फैसले पर विवाद थमने का नाम नहीं ले रहा है। हाल ही में विश्वविद्यालय की कार्यकारी परिषद की बैठक में इस प्रस्ताव को मंजूरी दी गई थी, जिसके बाद से शिक्षक संघ ने इसका विरोध तेज कर दिया है। जेएनयू शिक्षक संघ ने अपनी जनरल बाडी मीटिंग (जीबीएम) में इस वार्ड कोटा को विश्वविद्यालय की समावेशी और समान अवसर आधारित प्रवेश नीति के खिलाफ बताया। संघ का कहना है कि इस तरह का कोटा लागू करना मेरिट और सामाजिक न्याय के सिद्धांतों के विपरीत है। शिक्षक संघ ने विश्वविद्यालय प्रशासन से इस निर्णय पर पुनर्विचार करने की मांग की है। संघ का कहना है कि इस तरह का कोटा लागू करना मेरिट और सामाजिक न्याय के सिद्धांतों के विपरीत है। शिक्षक संघ ने विश्वविद्यालय प्रशासन से इस निर्णय पर पुनर्विचार करने की मांग की है। उनका मानना है कि जेएनयू की पहचान एक समावेशी संस्थान के रूप में रही है, जहां सभी वर्गों को समान अवसर मिलता है, ऐसे में किसी विशेष वर्ग के लिए अलग कोटा तय करना उचित नहीं है। वहीं, इस मुद्दे पर विश्वविद्यालय प्रशासन की ओर से अब तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। - नई दिल्ली/ईएमएस/23/ अप्रैल /2026