राज्य
23-Apr-2026
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:: जिला स्तरीय टास्क फोर्स की बैठक में दो टूक, बाल श्रम मुक्त इंदौर के लिए संयुक्त निगरानी पर जोर :: इंदौर (ईएमएस)। इंदौर जिले को बाल एवं बंधक श्रम की कुप्रथा से पूरी तरह मुक्त करने के लिए प्रशासन ने कमर कस ली है। गुरुवार को जिला पंचायत सभागृह में आयोजित टास्क फोर्स एवं जिला स्तरीय समिति की संयुक्त बैठक में मुख्य कार्यपालन अधिकारी (सीईओ) सिद्धार्थ जैन ने स्पष्ट किया कि किसी भी स्थिति में बाल श्रम बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने संविदा श्रम अधिनियम के तहत जिले के सभी ठेकेदारों का अनिवार्य रूप से पंजीयन कराने के निर्देश दिए हैं ताकि श्रमिकों के अधिकारों का संरक्षण किया जा सके। बैठक के दौरान सहायक श्रमायुक्त श्रीमती राखी जोशी ने वर्ष 2025-26 के दौरान बाल एवं बंधक श्रम अधिनियमों के अंतर्गत की गई कार्यवाहियों का विस्तृत ब्यौरा प्रस्तुत किया। उन्होंने बताया कि विभाग द्वारा पुलिस, शिक्षा और स्वास्थ्य विभागों के साथ समन्वय कर निरंतर कार्रवाई की जा रही है। जिला पंचायत सीईओ श्री जैन ने महू तहसील के क्षेत्रीय निरीक्षक को निर्देशित किया कि अंतर्राज्यीय प्रवासी कर्मकार अधिनियम के तहत पंजीयन की प्रक्रिया सुनिश्चित की जाए और इसके प्रति व्यापक जनजागरूकता अभियान चलाया जाए ताकि प्रवासी मजदूरों का शोषण रोका जा सके। प्रशासन ने यह निर्णय लिया है कि जिले में बाल श्रम के हॉटस्पॉट चिह्नित कर वहां सतत निगरानी और नियमित निरीक्षण किए जाएंगे। बैठक में विशेष किशोर पुलिस इकाई, बाल कल्याण समिति, महिला एवं बाल विकास विभाग और चाइल्ड लाइन के प्रतिनिधियों को आपसी तालमेल के साथ फील्ड पर सक्रिय रहने को कहा गया। अधिकारियों ने जोर दिया कि प्रभावी क्रियान्वयन के लिए जनभागीदारी भी आवश्यक है, ताकि सूचना तंत्र को मजबूत कर बंधक श्रम जैसी प्रथाओं पर अंतिम प्रहार किया जा सके। प्रकाश/23 अप्रैल 2026