व्यापार
24-Apr-2026


- फरवरी में शुद्ध प्रत्यक्ष विदेशी निवेश 4.6 अरब डॉलर पहुंचा नई दिल्ली (ईएमएस)। भारतीय रिजर्व बैंक के आंकड़ों के अनुसार, भारत में प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (एफडीआई) के मोर्चे पर अच्छी खबर है। लगातार छह महीनों तक नकारात्मक रहने के बाद, फरवरी 2026 में शुद्ध एफडीआई सकारात्मक हो गया, जो 4.6 अरब डॉलर दर्ज किया गया। यह उछाल सकल आवक में उल्लेखनीय वृद्धि और विदेश भेजी गई पूंजी (प्रत्यावर्तन) में कमी के कारण संभव हुआ है। यह आंकड़ा जनवरी 2026 में 1.4 अरब डॉलर और फरवरी 2025 में 70.3 करोड़ डॉलर के नकारात्मक स्तर से बेहतर है। फरवरी 2026 में सकल एफडीआई आवक बढ़कर 8.98 अरब डॉलर हो गई, जो पिछले वर्ष इसी अवधि में 5.56 अरब डॉलर थी। इसी माह प्रत्यावर्तन भी घटकर 1.7 अरब डॉलर रहा, जबकि पिछले वर्ष यह 2.5 अरब डॉलर और जनवरी 2026 में लगभग 5 अरब डॉलर था। शुद्ध प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (एफडीआई) बहिर्गमन में भी वार्षिक आधार पर 31.03 प्रतिशत की गिरावट आई, और फरवरी 2026 में यह 3.77 अरब डॉलर से घटकर 2.63 अरब डॉलर रह गया। इस माह में लगभग 75 प्रतिशत बहिर्गामी एफडीआई सिंगापुर, संयुक्त अरब अमीरात और ब्रिटेन की ओर था। अप्रैल-फरवरी 2025-26 के दौरान, भारत में कुल सकल एफडीआई 18.1 प्रतिशत बढ़कर 88.3 अरब डॉलर हो गया, जो पिछले वर्ष 74.7 अरब डॉलर था। इसी अवधि में शुद्ध एफडीआई भी बढ़कर 6.3 अरब डॉलर हो गया, जो पिछले वर्ष मात्र 1.5 अरब डॉलर था। विनिर्माण, कंप्यूटर सेवाएं, वित्तीय सेवाएं, व्यावसायिक सेवाएं और संचार सेवाएं 2025-26 के दौरान कुल इक्विटी निवेश के दो-तिहाई से अधिक के लिए जिम्मेदार रहीं, जो भारत में विदेशी निवेशकों के बढ़ते विश्वास को दर्शाता है। सतीश मोरे/24अप्रैल ---