व्यापार
26-Apr-2026


- ऊर्जा सुरक्षा और विदेशी मुद्रा बचत मुख्य लक्ष्य नई दिल्ली (ईएमएस)। सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनी कोल इंडिया लिमिटेड (सीआईएल) ने देश के कोयला आयात में भारी कटौती करने के लिए एक महत्वाकांक्षी 10-वर्षीय व्यापक योजना (2026-2036) का मसौदा तैयार किया है। इस योजना का लक्ष्य घरेलू उत्पादन बढ़ाने, गुणवत्ता सुधारने और लॉजिस्टिक्स लागतों को समानता प्रदान कर 24.3 करोड़ टन कोयला आयात में कटौती करना है, जिससे भारत ऊर्जा के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बन सके। सूत्रों के अनुसार, सीआईएल की यह व्यापक योजना आयात के विस्तृत फोरेंसिक ऑडिट को शामिल करेगी। इसे क्षेत्र-विशिष्ट नीतियों और स्थानीय आपूर्ति को बढ़ावा देने वाली चरणबद्ध बदलाव रणनीतियों का समर्थन मिलेगा। योजना में कोयले की धुलाई और परिवहन को सुव्यवस्थित करने के लिए एक नेशनल वॉशरी एंड लॉजिस्टिक्स ग्रिड की स्थापना भी प्रस्तावित है, जिससे आपूर्ति श्रृंखला की प्रमुख बाधाएं दूर होंगी। घरेलू कोयला उत्पादन में 80 प्रतिशत से अधिक का योगदान देने वाली सीआईएल इस मसौदे को अंतिम रूप देने और गैर-शुल्क बाधाओं से संबंधित उपायों का सुझाव देने के लिए एक सलाहकार की नियुक्ति करने की भी योजना बना रही है। इसका अंतिम उद्देश्य घरेलू उत्पादन, गुणवत्ता संवर्धन और लॉजिस्टिक मूल्य समानता के माध्यम से सभी प्रतिस्थापन योग्य कोयला आयात को पूरी तरह रोकना है। यह घटनाक्रम देश की ऊर्जा सुरक्षा को मजबूत करने, विदेशी मुद्रा की निकासी को कम करने और राष्ट्रीय कोयला गैसीकरण मिशन के तहत हरित संक्रमण लक्ष्यों के साथ तालमेल बिठाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। सतीश मोरे/26अप्रैल ---