राष्ट्रीय
24-Apr-2026
...


नई दिल्ली,(ईएमएस)। कर्नाटक के उपमुख्यमंत्री डी. के. शिवकुमार ने अपने हालिया नई दिल्ली दौरे को लेकर स्पष्ट किया कि उनका उद्देश्य केवल “ताजी हवा का आनंद लेना” नहीं, बल्कि शीर्ष कांग्रेस नेताओं से मुलाकात करना था। राज्य में सत्तारूढ़ पार्टी के भीतर चल रहे असंतोष के बीच उनकी यात्रा राजनीतिक रूप से महत्वपूर्ण मानी जा रही है। हालांकि, उन्होंने यह बताने से इंकार किया कि उन्होंने दिल्ली में कांग्रेस के किन-किन नेताओं से मुलाकात की। डिप्टी सीएम डीके ने कहा कि वह पार्टी के प्रति अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन कर रहे हैं और विभिन्न राज्यों में चुनाव प्रचार के बाद वहां के हालात की जानकारी पार्टी नेतृत्व को देना उनका कर्तव्य है। उन्होंने बताया कि उन्होंने तमिलनाडु, केरल और असम में चुनाव प्रचार किया था और अब उन अनुभवों को शीर्ष नेताओं से साझा करना जरूरी है। साथ ही, कर्नाटक में चुनाव प्रबंधन उनकी जिम्मेदारी का हिस्सा है, जिसे वे पूरी गंभीरता से निभाएंगे। कर्नाटक राज्य में संभावित राजनीतिक बदलावों और मंत्रिमंडल फेरबदल से जुड़े सवालों पर उन्होंने कोई टिप्पणी करने से इंकार किया। उन्होंने कहा कि जिम्मेदारी वाले पद पर रहते हुए इस तरह के मुद्दों पर सार्वजनिक चर्चा करना उचित नहीं है। मुस्लिम समुदाय में कथित असंतोष और उससे जुड़ी बैठकों पर उन्होंने कहा कि पार्टी स्तर पर कुछ जानकारी मिली है और सभी को मिलकर काम करने की आवश्यकता है। मुख्यमंत्री के करीबी मंत्रियों की बैठकों की खबरों से उन्होंने अनभिज्ञता जताकर कहा कि उन्हें नहीं पता कि कौन किसके करीब है। वहीं, दिल्ली की संभावित आगे की यात्राओं पर उन्होंने “इंतजार और देखिए” का रुख अपनाया। दिल्ली दौरे के दौरान उन्होंने केंद्रीय मंत्रियों से बेंगलुरु से जुड़े मुद्दों पर चर्चा की योजना की बनाई है। उन्होंने कहा कि केंद्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने उन्हें मुलाकात के लिए समय दिया है। मुस्लिम नेताओं के निलंबन के मुद्दे पर उन्होंने स्पष्ट किया कि किसी को निलंबित नहीं किया गया, बल्कि संबंधित नेताओं ने स्वयं इस्तीफा दिया है। आशीष दुबे / 25 अप्रैल 2026