-तेजस्वी का तंज, लालू की पाठशाला से निकले सम्राट पटना (ईएमएस)। बिहार विधानसभा में हुए फ्लोर टेस्ट में मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के नेतृत्व वाली एनडीए सरकार ने सफलतापूर्वक अपना बहुमत साबित किया है। सदन में ध्वनि मत के जरिए विश्वास प्रस्ताव पारित हुआ, जिसमें सत्ता पक्ष को स्पष्ट समर्थन मिला, जबकि विपक्ष संख्या बल के अभाव में पीछे रहा है। यह फ्लोर टेस्ट नई बिहार सरकार के लिए एक अहम राजनीतिक परीक्षा थी, इस परीक्षा को साम्राट सरकार ने आसानी से पार किया। शुक्रवार को बिहार विधानसभा की कार्यवाही सुबह 11 बजे शुरू हुई, जिसकी अनुमति विधानसभा अध्यक्ष डॉ. प्रेम कुमार ने दी। इस दौरान महत्वपूर्ण बात यह रही कि पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार सदन में उपस्थित नहीं हुए, क्योंकि वे अब राज्यसभा के सदस्य बन चुके हैं। उनकी अनुपस्थिति को लेकर राजनीतिक गलियारों में चर्चा भी होती रही। वहीं मुख्यमंत्री बनने के बाद सम्राट चौधरी पहली बार विधानसभा पहुंचे, जहां एनडीए के विधायकों ने उनका गर्मजोशी से स्वागत किया। इससे साफ था कि गठबंधन के भीतर उनके नेतृत्व को लेकर उत्साह है। अपने संबोधन में उन्होंने सरकार की प्राथमिकताओं को सामने रखते हुए कहा कि उनकी सरकार बिहार को नई दिशा देने के लिए प्रतिबद्ध है। फ्लोर टेस्ट के दौरान एनडीए के सभी सहयोगी दल एकजुट नजर आए। सत्ता पक्ष के विधायकों ने एक स्वर में सम्राट सरकार के समर्थन में मतदान किया, जिससे बहुमत का आंकड़ा आसानी से पा लिया। विपक्ष ने सम्राट सरकार घेराबंदी की कोशिश जरूर की, लेकिन पर्याप्त संख्या न होने के कारण वह प्रभावी चुनौती पेश नहीं दे सका। अपने भाषण में सम्राट चौधरी ने कहा कि सत्ता किसी की “बपौती” नहीं, बल्कि यह जनता के विश्वास और समर्थन का परिणाम है। उन्होंने 14 करोड़ बिहारवासियों के आशीर्वाद का जिक्र कर जिम्मेदारी के लिए आभार जताया। साथ ही उन्होंने केंद्रीय मंत्री अमित शाह, बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन और अन्य एनडीए नेताओं का धन्यवाद किया। सम्राट लालू यादव की पाठशाला से निकले तेजस्वी यादव ने तंज कसते हुए कहा कि वर्तमान सरकार में शामिल नेता अलग-अलग राजनीतिक पृष्ठभूमि से आए हैं। उन्होंने कहा कि “सम्राट लालू यादव की पाठशाला से निकले हैं, विजय चौधरी कांग्रेस से और बिजेंद्र यादव जनता दल से आए हैं, यानी कोई भी बीजेपी की पाठशाला से नहीं निकला है। आशीष दुबे / 24 अप्रैल 2026