अंतर्राष्ट्रीय
25-Apr-2026
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वॉशिंगटन(ईएमएस)। पेरू सरकार ने अपनी वायु सेना की मारक क्षमता को आधुनिक बनाने की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम उठाते हुए अमेरिका की दिग्गज रक्षा कंपनी लॉकहीड मार्टिन के साथ 12 नए एफ-16 ब्लॉक 70 वाइपर मल्टीरोल फाइटर जेट्स खरीदने का समझौता किया है। इस महत्वपूर्ण फैसले की घोषणा 23 अप्रैल 2026 को की गई। वर्तमान में पेरू के बेड़े में मिराज-2000 और मिग-29 जैसे पुराने विमान शामिल हैं, जिनके रखरखाव और युद्धक प्रदर्शन में लगातार गिरावट देखी जा रही थी। इस कमी को दूर करने के लिए पेरू की अंतरिम सरकार ने लंबे समय तक स्वीडन के साब और फ्रांस के डसॉल्ट के प्रस्तावों पर भी मंथन किया, लेकिन अंततः एफ-16 की युद्ध-सिद्ध क्षमता और उन्नत तकनीक पर भरोसा जताया। इस रक्षा सौदे का सफर राजनीतिक ड्रामे से भरपूर रहा। अंतरिम राष्ट्रपति जोस मारिया बालकाजर ने शुरुआत में इतनी बड़ी वित्तीय प्रतिबद्धता को अगली निर्वाचित सरकार पर छोड़ने की दलील देते हुए हस्ताक्षर करने से इनकार कर दिया था। इस विवाद ने पेरू के राजनीतिक गलियारों में हलचल पैदा कर दी, जिसके परिणामस्वरूप रक्षा और विदेश मंत्रियों को अपने पदों से इस्तीफा देना पड़ा। हालांकि, अंततः सभी गतिरोध दूर हुए और इस समझौते के साथ पेरू दुनिया का 30वां ऐसा देश बन गया है जो एफ-16 की ताकत का उपयोग करेगा। एफ-16 ब्लॉक 70 अपनी श्रेणी का सबसे उन्नत विमान है। इसमें नॉर्थरोप ग्रुम्मन का अत्याधुनिक एपीजी-83 ऐसा रडार लगा है, जो पांचवीं पीढ़ी के विमानों की रडार तकनीक पर आधारित है। यह रडार पायलट को दुश्मन के लक्ष्यों की सटीक और स्पष्ट जानकारी प्रदान करता है। इसके अतिरिक्त, कॉकपिट में नया हाई-रिजॉल्यूशन डिस्प्ले और ऑटोमैटिक ग्राउंड कोलिजन अवॉइडेंस सिस्टम जैसे फीचर्स इसे बेहद सुरक्षित और प्रभावी बनाते हैं। 12,000 घंटों की स्ट्रक्चरल लाइफ के साथ ये विमान अगले 40 वर्षों तक पेरू की सीमाओं की रक्षा करने में सक्षम होंगे। वैश्विक संदर्भ में देखें तो 2026 में ईरान के साथ जारी संघर्ष के दौरान F-16 की भूमिका बेहद अहम रही है। अमेरिका ने ईरान के रडार सिस्टम को ध्वस्त करने के लिए इन जेट्स को एंग्री किटन इलेक्ट्रॉनिक वारफेयर पॉड्स से लैस किया था। युद्ध के मैदान में इसने न केवल दुश्मन के कमांड सेंटर्स पर सटीक बमबारी की, बल्कि ड्रोन-हंटर के रूप में भी खुद को साबित किया। कम लागत वाले लेजर गाइडेड रॉकेटों की मदद से एफ-16 ने बड़ी संख्या में ईरानी ड्रोनों को मार गिराया। हालांकि, ईरान के उन्नत एयर डिफेंस सिस्टम ने भी कड़ी चुनौती पेश की है और एक विमान को मार गिराने का दावा किया है, लेकिन इन सबके बावजूद एफ-16 की सामरिक श्रेष्ठता ने पेरू जैसे देशों को इसे चुनने के लिए प्रेरित किया है। वीरेंद्र/ईएमएस 25 अप्रैल 2026